अलवर में पंचायत चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 22 अक्टूबर को होगी। जिला परिषद (Zila Parishad) और पंचायत समिति सदस्य (Panchayat Samiti Member) के चुनाव के लिए नामांकन जमा कराने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर है। सोमवार को मिनी सचिवालय में नामांकन जमा कराने के लिए उम्मीदवारों की भीड़ नजर आई। इसी बीच भाजपा ने चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए टिकट वितरण की रणनीति तैयार की है।
जिला प्रमुख और प्रधान पदों पर नए चेहरों की तैयारी
भाजपा इस बार जिला प्रमुख (District Chief) से लेकर पंचायत समिति प्रधान (Panchayat Samiti Pradhan) तक के पदों पर नए चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है। पार्टी की योजना में युवाओं और महिलाओं को अधिक भागीदारी देने पर जोर है। इसके तहत करीब 30 प्रतिशत टिकट युवाओं को दिए जा सकते हैं। वहीं, महिला उम्मीदवारों को लगभग 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है।
पार्टी की रणनीति में केवल आरक्षित सीटों पर ही नहीं, बल्कि कुछ अनारक्षित सीटों पर भी महिला उम्मीदवारों को उतारने पर विचार किया जा रहा है। इससे टिकट की दौड़ में शामिल पुराने नेताओं के सामने चुनौती बढ़ सकती है। हालांकि, अभी टिकटों को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
तीन जिलों में जिला प्रमुख और 25 प्रधान चुने जाएंगे
अलवर के साथ खैरथल-तिजारा (Khairthal-Tijara) और कोटपूतली-बहरोड़ (Kotputli-Behror) जिले में भी पंचायत चुनाव होने हैं। इन तीनों जिलों में जिला प्रमुख के तीन पद और पंचायत समिति प्रधान के 25 पदों के लिए चुनावी मुकाबला होगा।
समिति के स्तर पर अलवर जिले में 11, खैरथल-तिजारा में छह और कोटपूतली-बहरोड़ में आठ पंचायत समितियां हैं। इन पदों पर जीत हासिल करने के लिए भाजपा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन करना चाहती है।
युवाओं और महिलाओं को आगे लाने पर जोर
पार्टी की रणनीति में नए चेहरों को मौका देकर चुनाव में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की जा रही है। युवाओं को करीब 30 प्रतिशत टिकट देने की तैयारी को इसी दिशा में अहम माना जा रहा है। महिला उम्मीदवारों को भी अधिक अवसर देने पर विचार हो रहा है।
हालांकि, लंबे समय से टिकट की दावेदारी कर रहे नेताओं की उम्मीदें भी बनी हुई हैं। ऐसे में टिकट वितरण के समय पार्टी को पुराने कार्यकर्ताओं और नए दावेदारों के बीच संतुलन बनाना होगा।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरण भी रहेंगे अहम
भाजपा के टिकट वितरण में केवल युवा और महिला प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय समीकरण भी महत्वपूर्ण रहेंगे। पार्टी नेतृत्व उम्मीदवारों की जीत की संभावना को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लेगा। अब सभी की नजरें टिकटों की घोषणा पर हैं, जिससे साफ होगा कि पार्टी किन नए चेहरों पर भरोसा जताती है।

