राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार पुलिस एसटीएफ और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ मिलकर AK-47 राइफल-कारतूस बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में हुई। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना अंतर्गत अहियापुर का निवासी है। भैरव त्रिपाठी पर नागालैंड से आधुनिक हथियारों की तस्करी का आरोप है। यह मामला केस संख्या RC-11/2024/NIA/DLI के तहत दर्ज किया गया है।
नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों का लाने का आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी भैरव त्रिपाठी सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों और राइफलों की तस्करी की साजिश में शामिल था। इस तस्करी का मुख्य उद्देश्य शांति-सुरक्षा को भंग करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था। आरोपी के खिलाफ NIA दिल्ली और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या का प्रयास, एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आर्म्स एक्ट सहित कुल 8 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मामला मूल रूप से 7 मई 2024 को मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र स्थित मुरघटिया पुल से जुड़ा है। फकुली पुलिस ने मौके से लेंस लगी एक AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 5 अगस्त 2024 को केस दर्ज कर इसकी जांच अपने हाथ में ली थी।
NIA इस मामले में अब तक तीन पूरक आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है
– पहला पूरक आरोप पत्र (8 मई 2025): 4 आरोपी विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ IPC की धारा 120B और UA (P) एक्ट की धारा 13 व 18 के तहत दायर।
– दूसरा पूरक आरोप पत्र (20 फरवरी 2026): आरोपी मंजूर खान के खिलाफ IPC, आर्म्स एक्ट (धारा 25(1AA), 26, 35) और UA (P) एक्ट के तहत दायर।
– तीसरा पूरक आरोप पत्र (15 अप्रैल 2026): आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ आर्म्स एक्ट और UA (P) एक्ट की धाराओं में दाखिल। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार पुलिस एसटीएफ और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस के साथ मिलकर AK-47 राइफल-कारतूस बरामदगी मामले में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में हुई। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना अंतर्गत अहियापुर का निवासी है। भैरव त्रिपाठी पर नागालैंड से आधुनिक हथियारों की तस्करी का आरोप है। यह मामला केस संख्या RC-11/2024/NIA/DLI के तहत दर्ज किया गया है।
नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों का लाने का आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी भैरव त्रिपाठी सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार में प्रतिबंधित बोर के हथियारों और राइफलों की तस्करी की साजिश में शामिल था। इस तस्करी का मुख्य उद्देश्य शांति-सुरक्षा को भंग करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था। आरोपी के खिलाफ NIA दिल्ली और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या का प्रयास, एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आर्म्स एक्ट सहित कुल 8 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मामला मूल रूप से 7 मई 2024 को मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र स्थित मुरघटिया पुल से जुड़ा है। फकुली पुलिस ने मौके से लेंस लगी एक AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए NIA ने 5 अगस्त 2024 को केस दर्ज कर इसकी जांच अपने हाथ में ली थी।
NIA इस मामले में अब तक तीन पूरक आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है
– पहला पूरक आरोप पत्र (8 मई 2025): 4 आरोपी विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ IPC की धारा 120B और UA (P) एक्ट की धारा 13 व 18 के तहत दायर।
– दूसरा पूरक आरोप पत्र (20 फरवरी 2026): आरोपी मंजूर खान के खिलाफ IPC, आर्म्स एक्ट (धारा 25(1AA), 26, 35) और UA (P) एक्ट के तहत दायर।
– तीसरा पूरक आरोप पत्र (15 अप्रैल 2026): आरोपी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ आर्म्स एक्ट और UA (P) एक्ट की धाराओं में दाखिल।

