Airtel Market Cap: भारती एयरटेल ने भारतीय शेयर बाजार में बड़ा उलटफेर कर दिया है। यह टेलीकॉम कंपनी अब मार्केट कैप के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। इस दौड़ में इसने एचडीएफसी बैंक को पीछे छोड़ा है, जो देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है। एयरटेल से आगे अब सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जो भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। सोमवार 18 मई के कारोबार में भारती एयरटेल का मार्केट कैप बढ़कर करीब 11.90 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप लगभग 11.80 लाख करोड़ रुपये रहा। उधर रिलायंस इंडस्ट्रीज 18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के मार्केट कैप के साथ सबसे ऊपर बनी हुई है।
4 दिन में 11% चढ़ा एयरटेल का शेयर
एयरटेल के शेयरों में सोमवार को तेजी देखने को मिली है। बीएसई पर एयरटेल का शेयर करीब 3 फीसदी तक उछल गया। यह 1,909 रुपये के आसपास खुला और कारोबार के दौरान 1,953 रुपये तक पहुंच गया। पिछले चार कारोबारी सत्रों में ही यह शेयर 11 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले तक यही शेयर दबाव में था। 13 मई को एयरटेल का शेयर 52 हफ्तों के निचले स्तर 1,745 रुपये तक फिसल गया था। हालांकि, अब इसमें फिर तेजी लौटती दिखाई दे रही है। पिछले साल नवंबर में इस शेयर ने 2,174 रुपये का रिकॉर्ड हाई बनाया था। पिछले एक साल में एयरटेल के शेयर की कैसी चाल रही, यह नीचे दिए गए ग्राफ से भी समझा जा सकता है।

मार्च तिमाही में बढ़ा मुनाफा
कंपनी के तिमाही नतीजों ने भी बाजार का ध्यान खींचा है। भारती एयरटेल का मार्च तिमाही का नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर 10.5 फीसदी बढ़कर 7,325 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, सालाना आधार पर मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। इसकी बड़ी वजह पिछले साल मिला टैक्स क्रेडिट और रेगुलेटरी चार्जेज रहे।
मोतीलाल ओसवाल ने दिया 2180 रुपये का टार्गेट
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल को अब भी एयरटेल के शेयर पर भरोसा है। फर्म ने शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 2,180 रुपये का टार्गेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि टैरिफ बढ़ोतरी, होम ब्रॉडबैंड बिजनेस की मजबूत ग्रोथ और अफ्रीका कारोबार की तेजी आने वाले समय में कंपनी की कमाई को मजबूती दे सकती है।
क्या कह रहे एक्सपर्ट्स
एयरटेल के शेयर पर बाजार विशेषज्ञों की राय थोड़ी बंटी हुई है। ग्लोब कैपिटल मार्केट के विपिन कुमार का कहना है कि एयरटेल का शेयर पिछले कई हफ्तों से 1,750 से 1,900 रुपये के दायरे में फंसा हुआ था, लेकिन अब इसने ऊपर की तरफ ब्रेकआउट दिया है। उनके मुताबिक शेयर निकट भविष्य में 2,100 रुपये तक जा सकता है।
वहीं, एटी रिसर्च एंड रिस्क मैनेजर्स के आदित्य ठुकराल थोड़ा सतर्क नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों की तेजी के बावजूद शेयर अभी भी करेक्शन फेज में है। उनके मुताबिक, आने वाले महीनों में शेयर 1,500 से 1,600 रुपये तक भी फिसल सकता है। इसलिए फिलहाल नई खरीदारी से बचना बेहतर हो सकता है।


