Vedanta Share Ratio: वेदांता के निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी के डिमर्जर (Demerger) करने के बाद वेदांता के शेयरधारकों को जानकारी दी। उन्होंने इस रीस्ट्रक्चरिंग को एक ‘ऐतिहासिक कदम’ बताया है। इस प्रक्रिया के बाद वेदांता का कारोबार 5 अलग-अलग कंपनियों में बंट जाएगा। इस संदेश के जरिए उन्होंने कई अहम जानकारी निवेशकों के साथ साझा की। सबसे ज्यादा चर्चित विषय यह है कि वेदांता के निवेशकों के शेयरों की संख्या में बढ़ोतरी होने जा रही है।
कंपनियों का डिमर्जर कर बनाई 5 कंपनियां
इस डिमर्जर के बाद एल्युमीनियम, ऑयल एंड गैस, पावर, आयरन-स्टील और बेस मेटल्स के लिए अलग-अलग कंपनियां बनेंगी। अनिल अग्रवाल का मानना है कि इससे हर बिजनेस पर बेहतर ध्यान दिया जा सकेगा और निवेशकों को ज्यादा मुनाफा होगा।
निवेशकों को ऐसे मिलेगा फायदा
कंपनी में की गई रीस्ट्रक्चरिंग के बाद अगर आपके पास वेदांता का 1 शेयर है, तो डिमर्जर के बाद आपके पास कुल 5 शेयर होंगे। आपको 4 नई बनने वाली कंपनियों में 1-1 शेयर मुफ्त मिलेगा, और आपके पास पहले वाला वेदांता का शेयर भी बरकरार रहेगा।
यानी एक शेयर के बदले पांच अलग-अलग कंपनियों की हिस्सेदारी। लेकिन इसमें एक शर्त यह है कि वेदांता ने इस डिमर्जर के लिए 1 मई, 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की थी। जिन निवेशकों के पास इस तारीख तक शेयर थे, वे इन 4 नए शेयरों के हकदार होंगे।
खाते में कब आएंगे शेयर?
आमतौर पर रिकॉर्ड डेट के 30 से 45 दिनों के भीतर नए शेयर निवेशकों के डीमैट खाते में जमा (Credit) कर दिए जाते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जून 2026 के मध्य तक ये नई कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट भी हो सकती हैं।
वेदांता का शानदार प्रदर्शन
बंटवारे की खबरों के बीच वेदांता ने अपने तिमाही नतीजे भी जारी किए हैं, जो अब तक के सबसे बेहतरीन रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 89 फीसदी बढ़कर 9,352 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही, कंपनी का कर्ज भी पिछले 14 तिमाहियों के सबसे निचले स्तर पर आ गया है।
अनिल अग्रवाल ने भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि एल्युमीनियम क्षमता को दोगुना करने और तेल प्रोडक्शन को 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य है। यह कदम न केवल वेदांता को मजबूत बनाएगा, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगा।


