शिवपुरी में रविवार देर शाम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 16 से 24 मार्च तक चले ऐतिहासिक मेगा स्वास्थ्य शिविर के सहयोगियों के सम्मान समारोह में शिरकत की। उन्होंने 350 डॉक्टरों, प्रशासनिक अधिकारियों, वालंटियर्स और सफाईकर्मियों का सम्मान करते हुए इस आयोजन को “करिश्मा” बताया और शिविर में हुई 3600 सर्जरियों की जानकारी दी। सिंधिया ने हर साल ऐसे आयोजन की घोषणा की, लेकिन उनके जाते ही भोजन व्यवस्था में भारी अव्यवस्था फैल गई और लोग खाने पर टूट पड़े। वहीं, कार्यक्रम के दौरान UGC कानून का विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लोगों ने केंद्रीय मंत्री द्वारा ज्ञापन पर चर्चा न करने पर नाराजगी भी जताई। 350 डॉक्टरों ने दी सेवाएं, रोज हुई 25 हजार मरीजों की ओपीडी केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मेगा स्वास्थ्य शिविर की सफलता पर सभी का आभार जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के समाजसेवकों को शिवपुरी के समाजसेवकों से सीखना चाहिए। सिंधिया ने बताया कि इस शिविर में देशभर के करीब 350 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। रोजाना 20 से 25 हजार मरीजों की ओपीडी हुई और लाखों लोग लाभान्वित हुए। शिविर के दौरान लगभग 3600 सर्जरी की गईं, जिनमें कई जटिल ऑपरेशन शामिल थे। शिवपुरी में पहली बार रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। देखिए कार्यक्रम की तस्वीरें… रोबोटिक सर्जरी का अनुभव किया साझा, तोमर को बताया “चौकीदार” सिंधिया ने मंच से बताया कि उन्होंने स्वयं एक रोबोटिक सर्जरी को करीब एक घंटे तक बैठकर देखा। ऑपरेशन के दौरान मरीज और डॉक्टर के बीच करीब 18 फीट की दूरी थी और डॉक्टर स्क्रीन के सामने बैठकर मशीन की मदद से ऑपरेशन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधा न्यूयॉर्क और लंदन जैसे शहरों में भी आसानी से नहीं मिलती। सिंधिया ने घोषणा की कि अब इस तरह का मेगा हेल्थ कैंप हर साल शिवपुरी में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर की सराहना करते हुए सिंधिया ने उन्हें इस पूरे आयोजन का “चौकीदार” बताया। सिंधिया के जाते ही प्लेटों और खाने पर टूट पड़े लोग आभार समारोह के समापन के बाद आयोजकों द्वारा भोजन की व्यवस्था की गई थी। लेकिन जैसे ही केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम से रवाना हुए, वहां मौजूद भीड़ अचानक भोजन स्थल पर टूट पड़ी। स्थिति ऐसी बन गई कि लोग प्लेट और खाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते नजर आए। कुछ देर के लिए वहां अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। UGC कानून को लेकर सवर्ण समाज ने जताया विरोध कार्यक्रम के दौरान UGC कानून का विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लोग केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन देने पहुंचे थे। सिंधिया ने कुछ समय के लिए रुककर ज्ञापन तो स्वीकार किया, लेकिन बिना विस्तार से चर्चा किए आगे बढ़ गए। इससे नाराज लोगों ने कहा कि उनकी बात नहीं सुनी गई और इसे उन्होंने सवर्ण समाज का अपमान बताया। उन्होंने मांग की कि अगली बार केंद्रीय मंत्री उनके मुद्दों को गंभीरता से सुनें और समाधान करें।


