नालंदा में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाया है। दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को देखते हुए जिले के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने शुक्रवार, 22 मई को ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023’ की धारा-163 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों (प्री-स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों सहित) में कक्षा 5 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसके साथ ही, कक्षा 6 से वर्ग 8 तक की कक्षाओं के संचालन पर सुबह 10:30 बजे के बाद रोक रहेगी। यानी कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई केवल सुबह 10:30 बजे तक ही संचालित की जा सकेगी। कब से कब तक लागू रहेगा आदेश? जिलाधिकारी की ओर से जारी यह नया आदेश कल यानी 23 मई 2026 से लागू होकर 26 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूल प्रबंधनों को सख्त निर्देश दिया है कि वे इस आदेश के अनुरूप ही अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और टाइम-टेबल को पुनर्निर्धारित (रीशेड्यूल) करें। आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नालंदा में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाया है। दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की आशंका को देखते हुए जिले के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने शुक्रवार, 22 मई को ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023’ की धारा-163 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों (प्री-स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों सहित) में कक्षा 5 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसके साथ ही, कक्षा 6 से वर्ग 8 तक की कक्षाओं के संचालन पर सुबह 10:30 बजे के बाद रोक रहेगी। यानी कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई केवल सुबह 10:30 बजे तक ही संचालित की जा सकेगी। कब से कब तक लागू रहेगा आदेश? जिलाधिकारी की ओर से जारी यह नया आदेश कल यानी 23 मई 2026 से लागू होकर 26 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूल प्रबंधनों को सख्त निर्देश दिया है कि वे इस आदेश के अनुरूप ही अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और टाइम-टेबल को पुनर्निर्धारित (रीशेड्यूल) करें। आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


