चंदौली जिले के हड़ौरा गांव के पास किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केरायगांव के पास नहर में बना रेगुलेटर ध्वस्त हो गया है, जिससे खरीफ की फसल की सिंचाई में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हड़ौरा में सिंचाई के लिए बंधी डिवीजन ने केरायगांव ड्रेन पर एक रेगुलेटर बनाया था, जिसके ऊपर आवागमन के लिए पुल भी था। यह रेगुलेटर क्षतिग्रस्त हो गया है। आरोप है कि नहर से भारी वाहनों के लगातार गुजरने से रेगुलेटर पर अधिक दबाव पड़ा, जिससे पुल धंस गया। यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि सैदूपुर से केरायगांव तक लेहरा शाखा की नहर इसी पुल से होकर गुजरती है। नहर का पानी साइफन द्वारा ड्रेन के अंदर से जाता है और साइफन के मोड़ पर यह रेगुलेटर बना है। यहां से हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई के लिए पानी जाता है। रेगुलेटर पुल के धंसने से भारी दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने रात में भारी वाहनों के आवागमन के कारण हुए इस नुकसान के बाद, धंसे हुए स्थल पर लकड़ी और लाल कपड़ा रखकर आने-जाने वालों को खतरे से आगाह किया है। किसान विकास मंच के मंत्री राम अनंत पांडेय ने सरकार से इस जर्जर पुल को तोड़कर नया पुल बनाने की मांग की है, अन्यथा भयंकर दुर्घटना की आशंका जताई है। संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने चेतावनी दी कि यह मार्ग तीस-चालीस गांवों के लोगों के लिए तहसील, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक आने-जाने का प्रमुख रास्ता है। इसके क्षतिग्रस्त रहने से न केवल आवागमन बाधित होगा, बल्कि सिंचाई भी नहीं हो पाएगी। इस दौरान अशोक कुमार सिंह, नित्यानंद, प्रेम नाथ सिंह, दूधनाथ यादव, अमित कुमार यादव, राम पुकार पांडेय, बिनोद खरवार, मुन्ना गुप्ता, अभिषेक कुमार, बुद्धू यादव, प्रदीप गुप्ता, मैनेजर शाह, छोटू मिश्र, राजीव सिंह और जगदीश सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


