Adenovirus symptoms : यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) के आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 और फ्लू की जगह अब नए वायरस के फैलने की दर बढ़ गई है। इन्हीं नए वायरस में से एक है एडिनोवायरस। यह कोई नया नाम नहीं है बल्कि गले में खराश और सामान्य सर्दी-जुकाम से आगे बढ़ने वाला पुराना वायरस है।
आइए डॉक्टर बाबूलाल वर्मा (फिजिशियन) से जानते हैं कि एडिनोवायरस क्या होता है, यह कैसे फैलता है और इससे बचने के उपाय क्या-क्या हैं।
एडेनोवायरस (Adenovirus) क्या होता है?
एडिनोवायरस वायरसों का एक समूह है जो इंसानों में श्वसन नली, आंखों और आंतों को संक्रमित करता है। यह वायरस किसी भी सतह (जैसे टेबल या दरवाजों के हैंडल) पर लंबे समय तक जीवित रह सकता है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। एडेनोवायरस एक डीएनए वायरस है। ये हमारे निचले श्वसन तंत्र को संक्रमित करता है।
एडेनोवायरस (Adenovirus) कैसे फैलता है?
एडेनोवायरस एक ऐसा वायरस है जो सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण पैदा करता है। ये भीड़ वाली जगह पर ज्यादा फैलता है। ये वायरस बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में ज्यादा फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने, किसी संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने के बाद आंखों के संपर्क में आने से ये वायरस फैलता है।
संक्रमण के कारण (Causes)
- सांस के संक्रमण से।
- सीधा शारीरिक संपर्क।
- दूषित पानी या भोजन का सेवन।
एडिनोवायरस के लक्षण क्या हैं? (Adenovirus symptoms)
- तेज बुखार।
- गले में खराश।
- सर्दी और लगातार खांसी।
- आंखों का लाल होना।
- तेज दर्द होना।
- दस्त (डायरिया) और पेट में मरोड़ उठना।
एडेनोवायरस से बचाव के उपाय? (Adenovirus Prevention)
- साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं।
- गंदे हाथों से आंखों को न छुएं।
- बीमार व्यक्ति के बर्तन या बिस्तर का इस्तेमाल न करें।
- पौष्टिक आहार लें।
- बच्चों के खिलौनों को सैनिटाइज करें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


