MP में सीधे मंदिर जा घुसा तेज रफ्तार टैंकर, ढह गया पूरा मंदिर, खड़ी रही बालाजी की मूर्ति

MP में सीधे मंदिर जा घुसा तेज रफ्तार टैंकर, ढह गया पूरा मंदिर, खड़ी रही बालाजी की मूर्ति

MP News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बड़ा सड़क हादसा देखने को मिला। ब्यावरा से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-752 बी सुठालिया रोड पर बरखेड़ा में शुक्रवार की रात करीब 11.30 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मंदिर में जा टकराया। हादसा इतना भीषण था कि पूरा मंदिर जमीदोंज हो गया। वहीं टैंकर बगल नाले में जा गिरा। कैबिन के मलबे में चालक फस गया और बुरी तरह कुचला गया।

घटना के बाद आसपास का पूरा इलाका दहल गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। लेकिन वाहन के मलबे में चालक इस कदर कुचला गया कि रात में नजर ही नहीं आया। दूसरे दिन शनिवार को टैंकर को सीधा किया गया और शव बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि हादसा वाहन के टायर फटने से हुआ है। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। (MP News)

(फोटो- Patrika.com)

14 घंटे बाद मलबे से निकला, हाईवे पर लगा जाम

घटना में चालक सूर्यपाल पासी, निवासी यूपी की मौत हुई है। हादसा इतना भीषण था कि रात में तो मलबे में चालक नजर ही नहीं आया। लेकिन दूसरे दिन शनिवार को कड़ी मशक्कत के बाद क्रैन से वाहन को सीधा कर मलबा हटाया तो चालक का शव नजर आया। जिसे बाहर निकाला पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। मामले में सिटी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है। शनिवार दोपहर में मलबा हटाने के दौरान और मंदिर टूटा देख भीड़ जमा हो गई। जिसके कारण हाईवे पर काफी समय तक जाम की स्थिति बनी।

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सल्फर लिक्विड से भरा था, टैंकर, हादसे के बाद सहमे रहवासी

बताया जा रहा कि टैंकर में सल्फर लिक्विड भरा हुआ था। जो सुठालिया तरफ से ब्यावरा तरफ जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही हादसा हुआ टैंकर से लिक्विड रिसने लगा। जिससे आसपास की जमीन जलने लगी और धुआं उठने लगा। जिसे आसपास रहवासी सहम गए। टैंकर का आधा लिक्विड पास में ही एक पेयजल के कुएं में गिर गया।

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मंदिर धराशायी, प्रतिमा को खरोंच तक नहीं

हादसे में सबसे रोचक बात ये रही कि मंदिर का पूरा स्ट्रक्चर, दीवारें, छत सभी पूरी तरह धाराशायी हो गए। लेकिन मंदिर के अंदर बना कांच का छोटा मंदिर जिसमें विराजे बालाजी की प्रतिमा को खरोंच तक नहीं आई। साथ ही गनीमत की बात ये भी रही कि हादसे के चंद मिनटों पहले मंदिर में करीब चार-पांच रहवासी बैठे हुए थे। ऐसे में यदि कुछ समय और वे वहीं रुकते तो स्थिति भयावह हो सकती थी। (MP News)

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ऐसा था पहले मंदिर

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