Sun Pharma के एक दांव से Share Market में तूफ़ान, $11.75 अरब की Deal के बाद रॉकेट हुए शेयर

Sun Pharma के एक दांव से Share Market में तूफ़ान, .75 अरब की Deal के बाद रॉकेट हुए शेयर
भारतीय दवा उद्योग से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां देश की अग्रणी कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने वैश्विक स्तर पर अपने विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सन फार्मा ने अमेरिका की स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनी ऑर्गेनॉन एंड कंपनी को पूरी तरह नकद सौदे के जरिए करीब 11.75 अरब डॉलर में खरीदने का फैसला किया है। बता दें कि इस समझौते के तहत कंपनी ऑर्गेनॉन के सभी बकाया शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से खरीदेगी।
गौरतलब है कि दोनों कंपनियों के निदेशक मंडल ने इस सौदे को मंजूरी दे दी है और अब यह नियामकीय स्वीकृतियों तथा शेयरधारकों की सहमति के बाद 2027 की शुरुआत तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
इस घोषणा के बाद बाजार में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सन फार्मा के शेयरों में तेज उछाल आया और कंपनी के बाजार मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता दिख रहा है।
बता दें कि ऑर्गेनॉन की स्थापना 2021 में हुई थी, जब इसे मर्क एंड कंपनी से अलग किया गया था। कंपनी महिलाओं के स्वास्थ्य, बायोसिमिलर दवाओं और सामान्य चिकित्सा उत्पादों के क्षेत्र में काम करती है और उसके उत्पाद 140 से अधिक देशों में उपलब्ध हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस अधिग्रहण के बाद सन फार्मा की संयुक्त आय करीब 12.4 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है और कंपनी वैश्विक स्तर पर शीर्ष 25 दवा कंपनियों में शामिल हो सकती है। साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य क्षेत्र में शीर्ष तीन और बायोसिमिलर क्षेत्र में सातवीं सबसे बड़ी कंपनी बनने की भी संभावना जताई जा रही है।
कंपनी के प्रमुख दिलीप सांघवी ने कहा है कि यह सौदा कंपनी के लिए बड़ा अवसर है, क्योंकि ऑर्गेनॉन का उत्पाद पोर्टफोलियो और वैश्विक पहुंच सन फार्मा के मौजूदा कारोबार के साथ अच्छी तरह मेल खाते हैं। वहीं ऑर्गेनॉन की चेयरपर्सन कैरी कॉक्स ने इसे शेयरधारकों के लिए तुरंत लाभ देने वाला कदम बताया है।
वित्तीय दृष्टि से देखें तो ऑर्गेनॉन ने 2025 में करीब 6.2 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया था, जबकि कंपनी पर 8.6 अरब डॉलर का कर्ज भी मौजूद है। वहीं सन फार्मा को उम्मीद है कि इस सौदे से आने वाले कुछ वर्षों में 35 करोड़ डॉलर से अधिक का सामंजस्य लाभ मिल सकता है।
गौरतलब है कि यह सौदा भारतीय कंपनियों के सबसे बड़े विदेशी अधिग्रहणों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले टाटा स्टील द्वारा कोरस का अधिग्रहण और भारती एयरटेल द्वारा अफ्रीका में जैन टेलीकॉम कारोबार की खरीद जैसे बड़े सौदे हो चुके हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो यह अधिग्रहण सन फार्मा की वैश्विक पकड़ को और मजबूत करेगा और उसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों जैसे महिलाओं के स्वास्थ्य और बायोसिमिलर दवाओं में नई बढ़त दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।

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