‘पैसे दे देता, लेकिन गाली-गलौच की तो अच्छा नहीं लगा’:बेगूसराय में शराब जब्ती केस में ASI ने मांगे 29 हजार, पढ़िए गिरफ्तारी की इनसाइड स्टोरी

‘पैसे दे देता, लेकिन गाली-गलौच की तो अच्छा नहीं लगा’:बेगूसराय में शराब जब्ती केस में ASI ने मांगे 29 हजार, पढ़िए गिरफ्तारी की इनसाइड स्टोरी

निगरानी विभाग की टीम की ओर से बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना में पदस्थापित ASI चंदन कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया गया। चंदन को थाना के बगल में ही एक फोटो स्टेट दुकान के पास से 29 हजार रुपया रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। सिपाही से प्रमोट होकर एएसआई बने चंदन कुमार झा भागलपुर जिले के सिमराहा के रहने वाले हैं। चंदन कुमार झा की ओर से शिकायतकर्ता पर केस से नाम हटाने और जोड़ने के नाम पर धौंस दिखाकर न सिर्फ जमकर पैसे वसूल करता था। बल्कि थाना से लेकर संबंधित व्यक्ति के घर तक जाकर जमकर गाली-गलौच करता था। गाली-गलौच के बाद शिकायतकर्ता निगरानी विभाग के पास पहुंचा बीते सप्ताह अगर चंदन कुमार झा साहेबपुर कमाल गांव के रहने वाले अमित कुमार के घर पर जाकर गाली-गलौज करते हुए पैसा देने के लिए दबाव नहीं बनाता तो शायद अमित भी निगरानी विभाग के पास नहीं पहुंचता। चंदन झा ने शराब के मामले में दर्ज FIR के अनुसंधान में नाम नहीं देने के लिए जब लगातार 50 हजार रुपया देने की डिमांड की और उसने अमित के घर पर जाकर गाली-गलौच भी की। गाली-गलौच से परेशान अमित कुमार ने इसकी शिकायत पटना जाकर निगरानी विभाग में कर दी। अमित स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मी है और गांव में नहीं रहता है। जब उसे पता चला कि चंदन झा उसके घर पर आया और जमकर गाली-गलौच की है तो अमित ने गूगल में सर्च करके निगरानी विभाग का कांटेक्ट नंबर निकाला। निगरानी विभाग ने कहा- पटना आकर मामले की शिकायत कीजिए निगरानी विभाग के नंबर पर जब अमित ने बात की तो उससे कहा गया कि आप पटना आकर पूरी जानकारी और आवेदन दीजिए। इसके बाद अमित पटना पहुंच कर निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद डीएसपी के नेतृत्व में निगरानी विभाग की टीम 29 अक्टूबर को साहेबपुर कमाल पहुंची। जहां सत्यापन में पाया गया कि चंदन झा ने न सिर्फ अमित से रिश्वत मांगी है, बल्कि उसके कई कारनामे की पोल खुल गई।
2 नवंबर को निगरानी विभाग के डीएसपी गौतम शरण ओमी के नेतृत्व में टीम साहेबपुर कमाल पहुंची। यहां अमित को टीम ने 500 रुपए के 58 नोट दिए। इन नोट के सीरियल नंबर को नोट कर उन पर केमिकल लगा दिया गया। अमित ने ASI चंदन कुमार झा से बात की तो उसने कहा कि फोटो स्टेट दुकान के पास आ जाओ, मैं वहीं पहुंचता हूं। अमित फोटो स्टेट की दुकान के पास पहुंचा, तभी चंदन कुमार झा भी वहां पहुंचा। उसने जैसे ही पैसे लेकर अपने जेब में रखे कि चारों तरफ से पहले ही घेराबंदी कर चुकी निगरानी विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में एएसआई की जेब से केमिकल लगा नोट किया बरामद सर्च किया गया तो जेब से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई। लोग कुछ समझ ही नहीं पाए कि आखिर थाना के दरोगा के साथ यह क्या हो रहा है। लेकिन दो-चार मिनट में ही स्पष्ट हो गया की निगरानी विभाग की कार्रवाई चल रही है। इसके बाद सबके सब साइड हो गए और निगरानी विभाग की टीम ने सबूत के साथ उसे उठाकर बेगूसराय सर्किट हाउस लाया। जहां सभी कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और टीम उसे लेकर भागलपुर के लिए निकल गई।
शिकायतकर्ता ने बताई पूरी कहानी शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपनी 2014 मॉडल की हुंडई i20 कार BR01GC-0786 गांव के ही योगेन्द्र यादव के बेटे दिनेश कुमार उर्फ लालू को 13 अगस्त 2026 को 1 लाख 80 हजार में बेची थी। लेकिन 20 हजार रुपया बकाया रह गया। गाड़ी का तुरंत ट्रांसफर नहीं होने और कुछ रुपये बकाया रह जाने के कारण 1 हजार रुपए के स्टांप पेपर पर नोटरी करवाकर चार गवाहों के हस्ताक्षर और लालू के आधार कार्ड के साथ लिखा-पढ़ी कराई गई थी। 16 अक्टूबर की रात कार से 72 लीटर शराब पकड़ी गई थी अमित ने बताया कि बीते 16 अक्टूबर की रात में साहेबपुर कमाल गैस गोदाम दूध सेंटर के पास उस कार में 72 लीटर शराब पकड़ी गई, जिसके बाद पुलिस गाड़ी को थाना ले आई। शराब पकड़े जाने के समय कार में दो लोग सवार थे, जो वहां से फरार हो गए। इसको लेकर साहेबपुर थाना के डायल-112 में तैनात फिरोज खां के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) एसआई चंदन कुमार झा ने कार में सवार दिनेश कुमार उर्फ लालू एवं सुधांशु कुमार से 90 हजार रुपए यह कहकर लिए थे कि वह दोनों आरोपियों का नाम केस में नहीं देंगे। इसके बाद दरोगा ने अमित पर ही दबाव बनाते हुए 50 हजार रुपए देने की मांग की और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर उनका नाम भी इस केस में जोड़ दिया जाएगा। बार-बार अनुरोध करने पर 29 हजार रुपए में तय हुआ सौदा अमित के सभी सबूत दिखाने और बार-बार अनुरोध करने पर सौदा 29 हजार रुपये में तय हुआ। अमित ने जब कहा कि पैसा लेकर उस दोनों का भी नाम नहीं दिए, फिर पैसा लेकर मेरा नाम नहीं दीजिएगा तो आखिर शराब बरामदगी में किसका नाम दीजिएगा। इस पर चंदन कुमार झा ने कहा था कि हम किसी का भी उसमें नाम देकर, उसकी शराब बरामदगी दिखा देंगे, तुम टेंशन नहीं लो। वह पैसा नहीं देने पर केस में नाम देने की बार-बार धमकी देता था। इसके लिए फोन करके और सामने मिलकर की खूब टॉर्चर किया, मेरे घर पर जाकर गाली-गलौज किया था। इस रिश्वतखोरी से परेशान होकर अमित ने 26 अक्टूबर को निगरानी विभाग में इसकी शिकायत कर दी। निगरानी टीम ने 29 अक्टूबर को आकर मामले का भौतिक सत्यापन किया और 2 नवंबर को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए थाना के पास से एएसआई चंदन कुमार झा को 29 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग की टीम की ओर से बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना में पदस्थापित ASI चंदन कुमार झा को गिरफ्तार कर लिया गया। चंदन को थाना के बगल में ही एक फोटो स्टेट दुकान के पास से 29 हजार रुपया रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। सिपाही से प्रमोट होकर एएसआई बने चंदन कुमार झा भागलपुर जिले के सिमराहा के रहने वाले हैं। चंदन कुमार झा की ओर से शिकायतकर्ता पर केस से नाम हटाने और जोड़ने के नाम पर धौंस दिखाकर न सिर्फ जमकर पैसे वसूल करता था। बल्कि थाना से लेकर संबंधित व्यक्ति के घर तक जाकर जमकर गाली-गलौच करता था। गाली-गलौच के बाद शिकायतकर्ता निगरानी विभाग के पास पहुंचा बीते सप्ताह अगर चंदन कुमार झा साहेबपुर कमाल गांव के रहने वाले अमित कुमार के घर पर जाकर गाली-गलौज करते हुए पैसा देने के लिए दबाव नहीं बनाता तो शायद अमित भी निगरानी विभाग के पास नहीं पहुंचता। चंदन झा ने शराब के मामले में दर्ज FIR के अनुसंधान में नाम नहीं देने के लिए जब लगातार 50 हजार रुपया देने की डिमांड की और उसने अमित के घर पर जाकर गाली-गलौच भी की। गाली-गलौच से परेशान अमित कुमार ने इसकी शिकायत पटना जाकर निगरानी विभाग में कर दी। अमित स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मी है और गांव में नहीं रहता है। जब उसे पता चला कि चंदन झा उसके घर पर आया और जमकर गाली-गलौच की है तो अमित ने गूगल में सर्च करके निगरानी विभाग का कांटेक्ट नंबर निकाला। निगरानी विभाग ने कहा- पटना आकर मामले की शिकायत कीजिए निगरानी विभाग के नंबर पर जब अमित ने बात की तो उससे कहा गया कि आप पटना आकर पूरी जानकारी और आवेदन दीजिए। इसके बाद अमित पटना पहुंच कर निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद डीएसपी के नेतृत्व में निगरानी विभाग की टीम 29 अक्टूबर को साहेबपुर कमाल पहुंची। जहां सत्यापन में पाया गया कि चंदन झा ने न सिर्फ अमित से रिश्वत मांगी है, बल्कि उसके कई कारनामे की पोल खुल गई।
2 नवंबर को निगरानी विभाग के डीएसपी गौतम शरण ओमी के नेतृत्व में टीम साहेबपुर कमाल पहुंची। यहां अमित को टीम ने 500 रुपए के 58 नोट दिए। इन नोट के सीरियल नंबर को नोट कर उन पर केमिकल लगा दिया गया। अमित ने ASI चंदन कुमार झा से बात की तो उसने कहा कि फोटो स्टेट दुकान के पास आ जाओ, मैं वहीं पहुंचता हूं। अमित फोटो स्टेट की दुकान के पास पहुंचा, तभी चंदन कुमार झा भी वहां पहुंचा। उसने जैसे ही पैसे लेकर अपने जेब में रखे कि चारों तरफ से पहले ही घेराबंदी कर चुकी निगरानी विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में एएसआई की जेब से केमिकल लगा नोट किया बरामद सर्च किया गया तो जेब से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई। लोग कुछ समझ ही नहीं पाए कि आखिर थाना के दरोगा के साथ यह क्या हो रहा है। लेकिन दो-चार मिनट में ही स्पष्ट हो गया की निगरानी विभाग की कार्रवाई चल रही है। इसके बाद सबके सब साइड हो गए और निगरानी विभाग की टीम ने सबूत के साथ उसे उठाकर बेगूसराय सर्किट हाउस लाया। जहां सभी कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और टीम उसे लेकर भागलपुर के लिए निकल गई।
शिकायतकर्ता ने बताई पूरी कहानी शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपनी 2014 मॉडल की हुंडई i20 कार BR01GC-0786 गांव के ही योगेन्द्र यादव के बेटे दिनेश कुमार उर्फ लालू को 13 अगस्त 2026 को 1 लाख 80 हजार में बेची थी। लेकिन 20 हजार रुपया बकाया रह गया। गाड़ी का तुरंत ट्रांसफर नहीं होने और कुछ रुपये बकाया रह जाने के कारण 1 हजार रुपए के स्टांप पेपर पर नोटरी करवाकर चार गवाहों के हस्ताक्षर और लालू के आधार कार्ड के साथ लिखा-पढ़ी कराई गई थी। 16 अक्टूबर की रात कार से 72 लीटर शराब पकड़ी गई थी अमित ने बताया कि बीते 16 अक्टूबर की रात में साहेबपुर कमाल गैस गोदाम दूध सेंटर के पास उस कार में 72 लीटर शराब पकड़ी गई, जिसके बाद पुलिस गाड़ी को थाना ले आई। शराब पकड़े जाने के समय कार में दो लोग सवार थे, जो वहां से फरार हो गए। इसको लेकर साहेबपुर थाना के डायल-112 में तैनात फिरोज खां के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) एसआई चंदन कुमार झा ने कार में सवार दिनेश कुमार उर्फ लालू एवं सुधांशु कुमार से 90 हजार रुपए यह कहकर लिए थे कि वह दोनों आरोपियों का नाम केस में नहीं देंगे। इसके बाद दरोगा ने अमित पर ही दबाव बनाते हुए 50 हजार रुपए देने की मांग की और धमकी दी कि पैसे नहीं देने पर उनका नाम भी इस केस में जोड़ दिया जाएगा। बार-बार अनुरोध करने पर 29 हजार रुपए में तय हुआ सौदा अमित के सभी सबूत दिखाने और बार-बार अनुरोध करने पर सौदा 29 हजार रुपये में तय हुआ। अमित ने जब कहा कि पैसा लेकर उस दोनों का भी नाम नहीं दिए, फिर पैसा लेकर मेरा नाम नहीं दीजिएगा तो आखिर शराब बरामदगी में किसका नाम दीजिएगा। इस पर चंदन कुमार झा ने कहा था कि हम किसी का भी उसमें नाम देकर, उसकी शराब बरामदगी दिखा देंगे, तुम टेंशन नहीं लो। वह पैसा नहीं देने पर केस में नाम देने की बार-बार धमकी देता था। इसके लिए फोन करके और सामने मिलकर की खूब टॉर्चर किया, मेरे घर पर जाकर गाली-गलौज किया था। इस रिश्वतखोरी से परेशान होकर अमित ने 26 अक्टूबर को निगरानी विभाग में इसकी शिकायत कर दी। निगरानी टीम ने 29 अक्टूबर को आकर मामले का भौतिक सत्यापन किया और 2 नवंबर को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए थाना के पास से एएसआई चंदन कुमार झा को 29 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।  

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