नयी दिल्ली, दो नवंबर भारतीय बैडमिंटन स्टार किदांबी श्रीकांत ने सोमवार को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के एथलीट आयोग के चुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। उनके नाम वापस लेने के बाद आयोग के नौ सदस्यों के चुनाव के लिए 10 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और मीराबाई चानू एथलीट आयोग की सदस्यता के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।आयोग के सदस्यों का चुनाव मंगलवार को ऑनलाइन माध्यम से कराया जाएगा। आईओए के चुनाव नियमों के मुताबिक, 10 सदस्यीय एथलीट आयोग में कम से कम चार ऐसे खिलाड़ी होने अनिवार्य हैं, जिन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप या राष्ट्रीय खेलों के पिछले तीन आयोजनों में से किसी एक में पदक जीता हो। इनमें दो पुरुष और दो महिला खिलाड़ी शामिल होने चाहिए।आयोग के शेष छह सदस्यों में तीन पुरुष और तीन महिला खिलाड़ी होंगे। इन सभी के लिए ओलंपिक खेलों के पिछले तीन आयोजनों में से कम से कम एक में हिस्सा लेना अनिवार्य है। चुनाव अधिकारी संजय के. श्रीवास्तव ने यहां जारी बयान में बताया कि कयाकिंग एवं कैनोइंग से जुड़े मनजीत सिंह एकमात्र ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व चैंपियनशिप/कप या राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता वर्ग में नामांकन दाखिल किया था।इस कारण उन्हें एथलीट आयोग का सदस्य निर्विरोध चुन लिया गया। बयान के अनुसार, ‘‘अब शेष नौ पदों के लिए चुनाव होगा। इनमें पुरुष वर्ग की चार सीटों में से तीन ओलंपियन श्रेणी और एक पदक विजेता श्रेणी के लिए होगी।वहीं, महिला वर्ग की पांच सीटों में से तीन ओलंपियन श्रेणी और दो पदक विजेता श्रेणी के लिए निर्धारित हैं।’’
एथलीट आयोग के सदस्यों का चुनाव 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल ऑनलाइन माध्यम से करेगा। नवनिर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल चार वर्ष (2026-2030) का होगा। इससे पहले 22 अक्टूबर को चुनाव अधिकारी श्रीवास्तव ने चुनाव के लिए प्राप्त नामांकनों की प्रारंभिक सूची जारी की थी, जिसमें 12 खिलाड़ियों के नाम शामिल थे।सिंधू और चानू के अलावा चुनाव मैदान में भारतीय पुरुष एवं महिला हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और सलीमा टेटे, निशानेबाज स्वप्निल कुसाले, तलवारबाज भवानी देवी, एथलीट सुधा सिंह और तजिंदरपाल सिंह, पूर्व तीरंदाज बॉम्बायला देवी तथा तैराक साजन प्रकाश शामिल हैं। सिंधू, चानू और भवानी देवी निवर्तमान एथलीट आयोग की भी सदस्य हैं। इस आयोग की अध्यक्षता दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम कर रही हैं।गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को चुनाव अधिकारी ने एथलीट आयोग के चुनाव के लिए 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल की सूची जारी की थी। इसमें 17 राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के दो-दो प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ), अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए), भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) और भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) का कोई प्रतिनिधि इस सूची में शामिल नहीं था।सितंबर में अनुमोदित आईओए के एथलीट आयोग नियमों के अनुच्छेद 10.3 के अनुसार केवल उन्हीं राष्ट्रीय खेल महासंघों को अपने खिलाड़ियों के प्रतिनिधि नियुक्त करने की अनुमति होगी जिन्होंने अपना एथलीट आयोग गठित कर रखा है। ऐसे महासंघ अपने एथलीट आयोग के माध्यम से ही प्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इसके अलावा एथलीट आयोग के दो सदस्यों (एक पुरुष और एक महिला) को आईओए की कार्यकारी परिषद का सदस्य भी बनाया जाएगा।
नयी दिल्ली, दो नवंबर भारतीय बैडमिंटन स्टार किदांबी श्रीकांत ने सोमवार को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के एथलीट आयोग के चुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। उनके नाम वापस लेने के बाद आयोग के नौ सदस्यों के चुनाव के लिए 10 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं। ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और मीराबाई चानू एथलीट आयोग की सदस्यता के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।
आयोग के सदस्यों का चुनाव मंगलवार को ऑनलाइन माध्यम से कराया जाएगा। आईओए के चुनाव नियमों के मुताबिक, 10 सदस्यीय एथलीट आयोग में कम से कम चार ऐसे खिलाड़ी होने अनिवार्य हैं, जिन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप या राष्ट्रीय खेलों के पिछले तीन आयोजनों में से किसी एक में पदक जीता हो। इनमें दो पुरुष और दो महिला खिलाड़ी शामिल होने चाहिए।
आयोग के शेष छह सदस्यों में तीन पुरुष और तीन महिला खिलाड़ी होंगे। इन सभी के लिए ओलंपिक खेलों के पिछले तीन आयोजनों में से कम से कम एक में हिस्सा लेना अनिवार्य है। चुनाव अधिकारी संजय के. श्रीवास्तव ने यहां जारी बयान में बताया कि कयाकिंग एवं कैनोइंग से जुड़े मनजीत सिंह एकमात्र ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व चैंपियनशिप/कप या राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता वर्ग में नामांकन दाखिल किया था।
इस कारण उन्हें एथलीट आयोग का सदस्य निर्विरोध चुन लिया गया। बयान के अनुसार, ‘‘अब शेष नौ पदों के लिए चुनाव होगा। इनमें पुरुष वर्ग की चार सीटों में से तीन ओलंपियन श्रेणी और एक पदक विजेता श्रेणी के लिए होगी।
वहीं, महिला वर्ग की पांच सीटों में से तीन ओलंपियन श्रेणी और दो पदक विजेता श्रेणी के लिए निर्धारित हैं।’’
एथलीट आयोग के सदस्यों का चुनाव 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल ऑनलाइन माध्यम से करेगा। नवनिर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल चार वर्ष (2026-2030) का होगा। इससे पहले 22 अक्टूबर को चुनाव अधिकारी श्रीवास्तव ने चुनाव के लिए प्राप्त नामांकनों की प्रारंभिक सूची जारी की थी, जिसमें 12 खिलाड़ियों के नाम शामिल थे।
सिंधू और चानू के अलावा चुनाव मैदान में भारतीय पुरुष एवं महिला हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और सलीमा टेटे, निशानेबाज स्वप्निल कुसाले, तलवारबाज भवानी देवी, एथलीट सुधा सिंह और तजिंदरपाल सिंह, पूर्व तीरंदाज बॉम्बायला देवी तथा तैराक साजन प्रकाश शामिल हैं। सिंधू, चानू और भवानी देवी निवर्तमान एथलीट आयोग की भी सदस्य हैं। इस आयोग की अध्यक्षता दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम कर रही हैं।
गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को चुनाव अधिकारी ने एथलीट आयोग के चुनाव के लिए 34 सदस्यीय निर्वाचक मंडल की सूची जारी की थी। इसमें 17 राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के दो-दो प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ), अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए), भारतीय मुक्केबाजी संघ (बीएफआई) और भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) का कोई प्रतिनिधि इस सूची में शामिल नहीं था।
सितंबर में अनुमोदित आईओए के एथलीट आयोग नियमों के अनुच्छेद 10.3 के अनुसार केवल उन्हीं राष्ट्रीय खेल महासंघों को अपने खिलाड़ियों के प्रतिनिधि नियुक्त करने की अनुमति होगी जिन्होंने अपना एथलीट आयोग गठित कर रखा है। ऐसे महासंघ अपने एथलीट आयोग के माध्यम से ही प्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इसके अलावा एथलीट आयोग के दो सदस्यों (एक पुरुष और एक महिला) को आईओए की कार्यकारी परिषद का सदस्य भी बनाया जाएगा।
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