भीलवाड़ा शहर के महात्मा गांधी अस्पताल परिसर स्थित मातृ एवं शिशु इकाई के बाहर लगे पालना गृह में सोमवार सुबह कोई नवजात छोड़ गया। अस्पताल स्टाफ को पता चलते ही इस बच्चे को तत्काल अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया,जहां डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में लगी है।बाल कल्याण समिति ने सोमवार को मिलने के कारण इस बच्चे का नाम सोम रखा है। अचानक पालना गृह का अलार्म बजा सोमवार सुबह मातृ एवं शिशु इकाई के पालना गृह का अलार्म अचानक बजने लगा।घंटी सुनते ही ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी पालने पर पहुंचे। यहां पालने केअन्दर एक मासूम रोता हुआ मिला,मौके पर कोई मौजूद नहीं था।बच्चे का शरीर ठंड की वजह से सुन्न पड़ रहा था और वो खुलकर सांस भी नहीं ले पा रहा था। स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात को एनआईसीयू वार्ड पहुंचाया, जहां मासूम को तुरंत वार्मर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर लेकर ट्रीटमेंट शुरू किया गया। मासूम का वजन सिर्फ डेढ़ किलो शुरुआती स्वास्थ्य परीक्षण में सामने आया कि नवजात लड़का है और उसका वजन महज 1.5 किलोग्राम है, जो सामान्य नवजात शिशु के औसत वजन ढाई से तीन किलो की तुलना में कम है। कम वजन और फेफड़ों के पूरी तरह विकसित न होने के कारण बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।डॉक्टर के अनुसार, बच्चा समय से पूर्व जन्मा हुआ है। ठंड लगने ओर संक्रमण को देखते हुए डॉक्टरों की टीम इसके इलाज में लगे हैं। नाज़ुक है नवजात की हालत बाल कल्याण समिति अध्यक्ष चंद्रकला ओझा ने बताया कि सोमवार का दिन होने के कारण समिति के सदस्यों ने इस मासूम का नाम सोम रखा है। उन्होंने बताया की नवजात की हालत नाजुक बनी हुई है। समिति की प्राथमिकता बच्चे को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

