फॉर्मूला-1 की दुनिया को एक नया चैंपियन मिल गया है और इस बार इतिहास रचने वाला नाम है किमी एंटोनेली। मर्सिडीज के इस युवा ड्राइवर ने महज 20 साल और 68 दिन की उम्र में मैक्सिको सिटी ग्रां प्री में तीसरा स्थान हासिल करते हुए विश्व चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। इसके साथ ही वह फॉर्मूला-1 के इतिहास में सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बन गए हैं। रेस खत्म होने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। टीम रेडियो पर बात करते हुए उनकी आवाज भर्रा गई और वह भावुक होकर रो पड़े।रविवार को ऑटोड्रोमो हर्मानोस रोड्रिगेज में हुई इस रेस में रेड बुल के मैक्स वेरस्टैपेन ने पहला स्थान हासिल किया। यह इस सीजन में उनकी दूसरी जीत रही। वहीं, फेरारी के लुईस हैमिल्टन दूसरे और एंटोनेली तीसरे स्थान पर रहे। इस तीसरे स्थान के साथ एंटोनेली की कुल अंकों की बढ़त इतनी हो गई कि अब बाकी रेस के नतीजे उनके खिताब को प्रभावित नहीं कर सकते। उनकी बढ़त 119 अंकों तक पहुंच गई है।इस उपलब्धि के साथ एंटोनेली ने जर्मनी के सेबेस्टियन वेटल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वेटल ने 2010 में 23 साल और 134 दिन की उम्र में रेड बुल के लिए अपना पहला विश्व खिताब जीता था। वहीं, इटली को 1953 के बाद पहला फॉर्मूला-1 विश्व चैंपियन मिला है। इससे पहले इटली के अल्बर्टो अस्कारी ने 1952 और 1953 में लगातार दो खिताब जीते थे। एंटोनेली ने रेस के बाद कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अभी क्या हुआ है। उन्होंने इस सीजन को शानदार बताते हुए मैक्स वेरस्टैपेन और लुईस हैमिल्टन के साथ पोडियम साझा करने को खास अनुभव बताया।रेस के दौरान कई बार हालात बदले। कुल 71 लैप की इस रेस में 46वें लैप के बाद वाल्टेरी बोटास की कैडिलैक कार का अगला बायां सस्पेंशन तेज रफ्तार में खराब हो गया। उनकी कार नियंत्रण से बाहर होकर पहले मोड़ पर बैरियर से टकरा गई। इसके बाद सुरक्षा कार की मदद से रेस रोकनी पड़ी। बोटास को कार में ही शुरुआती चिकित्सा सहायता दी गई। बाद में वह खुद एंबुलेंस तक पहुंचे और अंगूठा दिखाकर अपनी हालत ठीक होने का संकेत दिया। उन्हें मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां जांच के बाद छुट्टी दे दी गई।रेस दोबारा शुरू होने पर वेरस्टैपेन ने बढ़त बना ली, जबकि एंटोनेली ने चार्ल्स लेक्लेर को पीछे छोड़ दिया। बाद में लिंडब्लाड और ऑस्कर पियास्त्री की कारों के बीच टक्कर के कारण एक बार फिर सुरक्षा कार आई। आखिरी 9 लैप में मुकाबला दोबारा शुरू हुआ और वेरस्टैपेन ने जीत अपने नाम कर ली।इससे पहले फेरारी के लुईस हैमिल्टन ने पोल पोजीशन से शुरुआत की थी। यह फेरारी के लिए किसी पूरी ग्रां प्री रेस में उनका पहला पोल था। शुरुआती मोड़ों पर चार्ल्स लेक्लेर के साथ उनकी टक्कर जैसी स्थिति बनी। लेक्लेर ने चौथे मोड़ पर ट्रैक से बाहर जाकर घास पर कार दौड़ाई और फिर वेरस्टैपेन ने हैमिल्टन को पीछे छोड़ दिया। हैमिल्टन ने टीम रेडियो पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके अपने साथी ड्राइवर ने उन्हें बाहर धकेल दिया। इस घटना के लिए लेक्लेर को 5 सेकंड की सजा मिली।रेस में लैंडो नॉरिस पांचवें और जॉर्ज रसेल छठे स्थान पर रहे। रसेल को खिताब की दौड़ में बने रहने के लिए जीत जरूरी थी, लेकिन खराब शुरुआत और रेड बुल के इसाक हाजार से टक्कर के कारण उन्हें 10 सेकंड की सजा भी मिली। अब ड्राइवरों की सूची में वेरस्टैपेन दूसरे और हैमिल्टन तीसरे स्थान पर हैं, जबकि रसेल चौथे स्थान पर खिसक गए हैं। उधर, मर्सिडीज ने टीमों की चैंपियनशिप में 630 अंक हासिल कर लिए हैं, जबकि फेरारी के खाते में 504 अंक हैं। ब्राजील में अगले सप्ताह होने वाली रेस में मर्सिडीज टीमों का खिताब भी अपने नाम कर सकती है। इस तरह एंटोनेली की ऐतिहासिक जीत के साथ मर्सिडीज के पास सीजन में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है।
फॉर्मूला-1 की दुनिया को एक नया चैंपियन मिल गया है और इस बार इतिहास रचने वाला नाम है किमी एंटोनेली। मर्सिडीज के इस युवा ड्राइवर ने महज 20 साल और 68 दिन की उम्र में मैक्सिको सिटी ग्रां प्री में तीसरा स्थान हासिल करते हुए विश्व चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। इसके साथ ही वह फॉर्मूला-1 के इतिहास में सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बन गए हैं। रेस खत्म होने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। टीम रेडियो पर बात करते हुए उनकी आवाज भर्रा गई और वह भावुक होकर रो पड़े।
रविवार को ऑटोड्रोमो हर्मानोस रोड्रिगेज में हुई इस रेस में रेड बुल के मैक्स वेरस्टैपेन ने पहला स्थान हासिल किया। यह इस सीजन में उनकी दूसरी जीत रही। वहीं, फेरारी के लुईस हैमिल्टन दूसरे और एंटोनेली तीसरे स्थान पर रहे। इस तीसरे स्थान के साथ एंटोनेली की कुल अंकों की बढ़त इतनी हो गई कि अब बाकी रेस के नतीजे उनके खिताब को प्रभावित नहीं कर सकते। उनकी बढ़त 119 अंकों तक पहुंच गई है।
इस उपलब्धि के साथ एंटोनेली ने जर्मनी के सेबेस्टियन वेटल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वेटल ने 2010 में 23 साल और 134 दिन की उम्र में रेड बुल के लिए अपना पहला विश्व खिताब जीता था। वहीं, इटली को 1953 के बाद पहला फॉर्मूला-1 विश्व चैंपियन मिला है। इससे पहले इटली के अल्बर्टो अस्कारी ने 1952 और 1953 में लगातार दो खिताब जीते थे। एंटोनेली ने रेस के बाद कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अभी क्या हुआ है। उन्होंने इस सीजन को शानदार बताते हुए मैक्स वेरस्टैपेन और लुईस हैमिल्टन के साथ पोडियम साझा करने को खास अनुभव बताया।
रेस के दौरान कई बार हालात बदले। कुल 71 लैप की इस रेस में 46वें लैप के बाद वाल्टेरी बोटास की कैडिलैक कार का अगला बायां सस्पेंशन तेज रफ्तार में खराब हो गया। उनकी कार नियंत्रण से बाहर होकर पहले मोड़ पर बैरियर से टकरा गई। इसके बाद सुरक्षा कार की मदद से रेस रोकनी पड़ी। बोटास को कार में ही शुरुआती चिकित्सा सहायता दी गई। बाद में वह खुद एंबुलेंस तक पहुंचे और अंगूठा दिखाकर अपनी हालत ठीक होने का संकेत दिया। उन्हें मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां जांच के बाद छुट्टी दे दी गई।
रेस दोबारा शुरू होने पर वेरस्टैपेन ने बढ़त बना ली, जबकि एंटोनेली ने चार्ल्स लेक्लेर को पीछे छोड़ दिया। बाद में लिंडब्लाड और ऑस्कर पियास्त्री की कारों के बीच टक्कर के कारण एक बार फिर सुरक्षा कार आई। आखिरी 9 लैप में मुकाबला दोबारा शुरू हुआ और वेरस्टैपेन ने जीत अपने नाम कर ली।
इससे पहले फेरारी के लुईस हैमिल्टन ने पोल पोजीशन से शुरुआत की थी। यह फेरारी के लिए किसी पूरी ग्रां प्री रेस में उनका पहला पोल था। शुरुआती मोड़ों पर चार्ल्स लेक्लेर के साथ उनकी टक्कर जैसी स्थिति बनी। लेक्लेर ने चौथे मोड़ पर ट्रैक से बाहर जाकर घास पर कार दौड़ाई और फिर वेरस्टैपेन ने हैमिल्टन को पीछे छोड़ दिया। हैमिल्टन ने टीम रेडियो पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके अपने साथी ड्राइवर ने उन्हें बाहर धकेल दिया। इस घटना के लिए लेक्लेर को 5 सेकंड की सजा मिली।
रेस में लैंडो नॉरिस पांचवें और जॉर्ज रसेल छठे स्थान पर रहे। रसेल को खिताब की दौड़ में बने रहने के लिए जीत जरूरी थी, लेकिन खराब शुरुआत और रेड बुल के इसाक हाजार से टक्कर के कारण उन्हें 10 सेकंड की सजा भी मिली। अब ड्राइवरों की सूची में वेरस्टैपेन दूसरे और हैमिल्टन तीसरे स्थान पर हैं, जबकि रसेल चौथे स्थान पर खिसक गए हैं। उधर, मर्सिडीज ने टीमों की चैंपियनशिप में 630 अंक हासिल कर लिए हैं, जबकि फेरारी के खाते में 504 अंक हैं। ब्राजील में अगले सप्ताह होने वाली रेस में मर्सिडीज टीमों का खिताब भी अपने नाम कर सकती है। इस तरह एंटोनेली की ऐतिहासिक जीत के साथ मर्सिडीज के पास सीजन में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है।
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