दरभंगा में मारपीट मामले में एफआईआर के 10 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके बाद पीड़ित ने मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी को आवेदन दिया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष के लोग केस वापस लेने का प्रेशर बना रहे हैं। जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। दरअसल, भालपट्टी थाना क्षेत्र के मुड़िया गांव निवासी साहुल कुमार ने तारसराय रेलवे स्टेशन स्थित दुर्गा मंदिर मेला स्टैंड को लेकर मारपीट का आरोप लगाया है। भालपट्टी थाना में मामला दर्ज है। डीआईजी को दिए आवेदन में साहुल कुमार ने बताया कि 22 अक्टूबर को मैं दुर्गा मंदिर मेला से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने मुझसे 10 हजार रुपए रंगदारी की मांग की थी। नहीं देने पर आरोपितों ने घेर लिया और बेल्ट, लात-घूंसे से बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उसके साथ मौजूद एक पड़ोसी ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो आरोपितों ने उसे भी मारपीट कर वीडियो डिलीट कर दिया। किसी तरह जान बचाकर वह वहां से भागा। पुलिस को सीसीटीवी भी उपलब्ध कराया है पीड़ित के अनुसार, घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हुई है। उसने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराया है। आवेदन में उसने अमर सहनी, राहुल सहनी समेत अन्य लोगों पर मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसने 3 आरोपितों की पहचान की है, जबकि अन्य आरोपितों की पहचान भी जांच के दौरान की जा सकती है।
दोबारा हमले की आशंका भालपट्टी थानाध्यक्ष धर्मानंद कुमार ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान की जिम्मेदारी अनुसंधानकर्ता मधुबाला कुमारी को सौंपी है। पीड़ित का कहना है कि करीब 12 लोगों ने एकजुट होकर उसके साथ मारपीट की थी। आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर दोबारा जानलेवा हमला होने की आशंका जताई है। वहीं, डीआईजी मनोज तिवारी ने पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। दरभंगा में मारपीट मामले में एफआईआर के 10 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके बाद पीड़ित ने मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी को आवेदन दिया है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी पक्ष के लोग केस वापस लेने का प्रेशर बना रहे हैं। जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। दरअसल, भालपट्टी थाना क्षेत्र के मुड़िया गांव निवासी साहुल कुमार ने तारसराय रेलवे स्टेशन स्थित दुर्गा मंदिर मेला स्टैंड को लेकर मारपीट का आरोप लगाया है। भालपट्टी थाना में मामला दर्ज है। डीआईजी को दिए आवेदन में साहुल कुमार ने बताया कि 22 अक्टूबर को मैं दुर्गा मंदिर मेला से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने मुझसे 10 हजार रुपए रंगदारी की मांग की थी। नहीं देने पर आरोपितों ने घेर लिया और बेल्ट, लात-घूंसे से बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उसके साथ मौजूद एक पड़ोसी ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो आरोपितों ने उसे भी मारपीट कर वीडियो डिलीट कर दिया। किसी तरह जान बचाकर वह वहां से भागा। पुलिस को सीसीटीवी भी उपलब्ध कराया है पीड़ित के अनुसार, घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हुई है। उसने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराया है। आवेदन में उसने अमर सहनी, राहुल सहनी समेत अन्य लोगों पर मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसने 3 आरोपितों की पहचान की है, जबकि अन्य आरोपितों की पहचान भी जांच के दौरान की जा सकती है।
दोबारा हमले की आशंका भालपट्टी थानाध्यक्ष धर्मानंद कुमार ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान की जिम्मेदारी अनुसंधानकर्ता मधुबाला कुमारी को सौंपी है। पीड़ित का कहना है कि करीब 12 लोगों ने एकजुट होकर उसके साथ मारपीट की थी। आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर दोबारा जानलेवा हमला होने की आशंका जताई है। वहीं, डीआईजी मनोज तिवारी ने पीड़ित को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।

