अरुणाचल में 11200 मेगावाट की Siang जलविद्युत परियोजना रद्द करे सरकार: Congress

अरुणाचल में 11200 मेगावाट की Siang जलविद्युत परियोजना रद्द करे सरकार: Congress

ईटानगर, दो नवंबर कांग्रेस ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की पनबिजली परियोजना रद्द करने और सियांग नदी पर बांध निर्माण के विरोध में गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने की मांग की। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक बयान में कहा कि कोई भी विकास परियोजना ‘‘स्थानीय समुदायों की पैतृक भूमि, पहचान, संस्कृति और आजीविका की कीमत पर’’ नहीं लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ‘सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ (एसयूएमपी) से प्रभावित होने वाले लोगों की पूर्व सहमति लेना अनिवार्य है।

पार्टी ने कहा, ‘‘अलग-अलग समूह लेकिन एक ही आवाज; अलग-अलग संगठन लेकिन एक साझा संकल्प – एसयूएमपी रोकें, सियांग बचाएं।’’
एपीसीसी ने स्थानीय संगठनों, छात्र संघों, युवा समूहों, नागरिक संस्थाओं और पारंपरिक संस्थाओं से इस प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। कांग्रेस ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी, सरकारी कर्मचारियों के निलंबन और परियोजना का विरोध करने वाले ‘गांव बुरा’ (ग्राम प्रधानों) के खिलाफ की गई कार्रवाई पर चिंता जताई। पार्टी ने सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा करने, अरुणाचल प्रदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज मामले वापस लेने, सरकारी कर्मचारियों के निलंबन आदेश रद्द करने और गांव बुराओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस ने प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों से अतिरिक्त सुरक्षा बलों को हटाने, नुकसान उठाने वाले लोगों को पर्याप्त मुआवजा देने और घायल प्रदर्शनकारियों को चिकित्सा सहायता तथा पुनर्वास मुहैया कराने की भी मांग की। एपीसीसी ने राज्य सरकार और केंद्र से संवाद तथा विश्वास बहाली के उपायों के जरिए सियांग क्षेत्र में शांति बहाल करने की अपील की। पार्टी ने समाज के सभी वर्गों से ‘‘एकजुटता बनाए रखने और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीकों से आंदोलन जारी रखने’’ की अपील की।

उसने कहा, ‘‘सियांग बचाओ, अपनी जमीन बचाओ और अपने लोगों को बचाओ।’’
भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक के रूप में परिकल्पित इस परियोजना का आदिवासी आदि समुदाय के कुछ वर्ग लगातार विरोध कर रहे हैं। इनमें विशेष रूप से प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं।

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