हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में कर्मचारियों की चक्का जाम हड़ताल सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। यूनियन और रोडवेज प्रबंधन के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रहने के कारण बसों का संचालन पूरी तरह ठप पड़ा है। इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले 30 हजार से अधिक यात्रियों पर पड़ रहा है। हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण रूटों पर आवाजाही करने वाले यात्रियों को उठानी पड़ रही है। हांसी, उकलाना, आदमपुर जैसे लोकल रूटों पर रोडवेज बसें न चलने से लोग घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करने को मजबूर हैं। वहीं, निजी बसों और ऑटो चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। हड़ताल के कारण इस तरह हो रहा नुकसान… ₹54 लाख से अधिक का राजस्व घाटा : हड़ताल के कारण रोडवेज को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है। रोडवेज बसों का संचालन बंद रहने से प्रतिदिन करीब ₹18 लाख के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जो दो दिनों में ₹36 लाख से अधिक पहुंच चुका है। ई-बस सेवा पर भी असर : शहर में चलने वाली 50 ई-बसों का संचालन ठप होने से प्रतिदिन ₹50 हजार का नुकसान हो रहा है और रोजाना 120 फेरे (ट्रिप्स) मिस हो रहे हैं। रोडवेज प्रबंधन के साथ वार्ता रही विफल प्रबंधन और डिपो अधिकारियों जीएम राहुल मित्तल, टीएम प्रीतम सिवाच ने यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर गतिरोध खत्म करने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। कर्मचारी यूनियनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगों का लिखित व ठोस समाधान नहीं होता, चक्का जाम जारी रहेगा।

