मलयपुर के मां कालिका मंदिर में 11 दिवसीय यज्ञ शुरू:17 पुरोहित करा रहे वैदिक अनुष्ठान, हर दिन अलग देवी-देवता की पूजा होगी

मलयपुर के मां कालिका मंदिर में 11 दिवसीय यज्ञ शुरू:17 पुरोहित करा रहे वैदिक अनुष्ठान, हर दिन अलग देवी-देवता की पूजा होगी

जमुई के मलयपुर स्थित मां कालिका मंदिर में 11 दिवसीय महारुद्र शतचंडी हवनात्मक यज्ञ शुरू हुआ है। इसमें हर दिन अलग देवी-देवताओं की विशेष पूजा की जा रही है। किसी दिन मां गायत्री का कुमकुम अर्चन होगा, तो किसी दिन भगवान शिव का अभिषेक, मां महालक्ष्मी की आराधना और भगवान श्रीकृष्ण का दीपदान किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर गूंज रहा है। गणेश पूजन समेत वैदिक अनुष्ठान यज्ञ में बनारस, बंगाल, सोनो और डुमरी समेत अलग-अलग जगहों से आए 17 पुरोहित शामिल हैं। आचार्य शिवकुमार प्रसाद ने बताया कि आयोजन आठ नवंबर तक चलेगा। इसकी शुरुआत कलश यात्रा और मंडप प्रवेश के साथ हुई। इसके बाद गणेश पूजन समेत वैदिक अनुष्ठान किए गए। तुलसी अर्चन और विशेष पूजा होगी आयोजन में मां गायत्री का कुमकुम अर्चन, विशेष आरती और हनुमान जी की पूजा के साथ 1100 सुंदरकांड पाठ भी हो रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार मां सरस्वती की फूल और कपूर से विशेष पूजा होगी। सोमवार को बाबा कलेश्वर नाथ की पूजा और अभिषेक किया जाएगा। मंगलवार को मां महालक्ष्मी की अर्चना के साथ भजन-कीर्तन होगा। बुधवार को तुलसी अर्चन और विशेष पूजा होगी। गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, दीपदान और ज्योति पूजन होगा। शुक्रवार को कन्या और बटुक पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। शनिवार को मां कालिका की आवरण पूजा, सहस्रार्चन और आरती होगी। सुख-समृद्धि और शांति के लिए हो रहा महायज्ञ मंदिर के संस्थापक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्रवासियों, प्रदेशवासियों और देशवासियों के सुख-समृद्धि, शांति और निरोगी जीवन की कामना से महारुद्र शतचंडी यज्ञ का आयोजन किया गया है। मां कालिका की कृपा सभी पर बनी रहे, यही इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यज्ञ के माध्यम से सनातन परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अंतिम दिन विधि-विधान से पूजा-पाठ, हवन और पूर्णाहुति के साथ 11 दिवसीय महायज्ञ का समापन होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करने की उम्मीद है। जमुई के मलयपुर स्थित मां कालिका मंदिर में 11 दिवसीय महारुद्र शतचंडी हवनात्मक यज्ञ शुरू हुआ है। इसमें हर दिन अलग देवी-देवताओं की विशेष पूजा की जा रही है। किसी दिन मां गायत्री का कुमकुम अर्चन होगा, तो किसी दिन भगवान शिव का अभिषेक, मां महालक्ष्मी की आराधना और भगवान श्रीकृष्ण का दीपदान किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर गूंज रहा है। गणेश पूजन समेत वैदिक अनुष्ठान यज्ञ में बनारस, बंगाल, सोनो और डुमरी समेत अलग-अलग जगहों से आए 17 पुरोहित शामिल हैं। आचार्य शिवकुमार प्रसाद ने बताया कि आयोजन आठ नवंबर तक चलेगा। इसकी शुरुआत कलश यात्रा और मंडप प्रवेश के साथ हुई। इसके बाद गणेश पूजन समेत वैदिक अनुष्ठान किए गए। तुलसी अर्चन और विशेष पूजा होगी आयोजन में मां गायत्री का कुमकुम अर्चन, विशेष आरती और हनुमान जी की पूजा के साथ 1100 सुंदरकांड पाठ भी हो रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार मां सरस्वती की फूल और कपूर से विशेष पूजा होगी। सोमवार को बाबा कलेश्वर नाथ की पूजा और अभिषेक किया जाएगा। मंगलवार को मां महालक्ष्मी की अर्चना के साथ भजन-कीर्तन होगा। बुधवार को तुलसी अर्चन और विशेष पूजा होगी। गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, दीपदान और ज्योति पूजन होगा। शुक्रवार को कन्या और बटुक पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। शनिवार को मां कालिका की आवरण पूजा, सहस्रार्चन और आरती होगी। सुख-समृद्धि और शांति के लिए हो रहा महायज्ञ मंदिर के संस्थापक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्रवासियों, प्रदेशवासियों और देशवासियों के सुख-समृद्धि, शांति और निरोगी जीवन की कामना से महारुद्र शतचंडी यज्ञ का आयोजन किया गया है। मां कालिका की कृपा सभी पर बनी रहे, यही इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यज्ञ के माध्यम से सनातन परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अंतिम दिन विधि-विधान से पूजा-पाठ, हवन और पूर्णाहुति के साथ 11 दिवसीय महायज्ञ का समापन होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करने की उम्मीद है।  

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