Pratap Sarnaik Corruption Allegations: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भाजपा (BJP) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भाजपा ने महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता प्रताप सरनाईक के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला किया है। भाजपा की ओर से सोमवार (2 नवंबर) को मीरा-भायंदर में जनआंदोलन आयोजित किया जा रहा है। इस आंदोलन के जरिए भाजपा सरनाईक के खिलाफ लगे आरोपों को लेकर विरोध दर्ज कराएगी।
भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस आंदोलन की जानकारी दी और नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। इस आंदोलन को मीरा-भायंदर की स्थानीय राजनीति में भाजपा और शिंदे गुट के बीच जारी खींचतान के तौर पर भी देखा जा रहा है।
प्रताप सरनाईक के खिलाफ भाजपा का आंदोलन, नरेंद्र मेहता ने क्या कहा?
भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ”भ्रष्टाचार के खिलाफ हुंकार! जनता के न्याय के लिए संघर्ष का ऐलान!” उन्होंने बताया कि मंत्री प्रताप सरनाईक के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ और जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी के मीरा-भायंदर शहर जिला संगठन की ओर से जनआंदोलन आयोजित किया जा रहा है।
मेहता ने नागरिकों से इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने और जनता के अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा का जनआंदोलन मीरा-भायंदर के नवघर नाका इलाके में आज दोपहर 2 बजे आयोजित किया जाएगा। इसमें भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए प्रताप सरनाईक के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करेगी।
भाजपा और शिंदे गुट के बीच क्यों बढ़ा विवाद?
मीरा-भायंदर में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता और मंत्री प्रताप सरनाईक के बीच पिछले कुछ समय से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। दोनों नेताओं के बीच महानगरपालिका के विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और कथित अनियमितताओं को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। नरेंद्र मेहता ने इससे पहले भी मीरा-भायंदर में विकास परियोजनाओं को लेकर शिवसेना नेता पर सवाल उठाए थे।
इस पृष्ठभूमि में भाजपा का ताजा आंदोलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना राज्य की महायुति सरकार में सहयोगी हैं, लेकिन मीरा-भायंदर में दोनों दलों के नेताओं के बीच स्थानीय स्तर पर राजनीतिक टकराव लगातार सामने आ रहा है।
अब देखना होगा कि भाजपा के इस आंदोलन के बाद प्रताप सरनाईक और शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

