अपनी आंखों से दुनिया देखना चाहते हैं सिंगर सुनील लोधी:बोले- नवंबर से शुरू होगा इलाज, मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान भजन से मिली देशभर में पहचान

अपनी आंखों से दुनिया देखना चाहते हैं सिंगर सुनील लोधी:बोले- नवंबर से शुरू होगा इलाज, मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान भजन से मिली देशभर में पहचान

प्रयागराज में रविवार को भजन गायक सुनील लोधी का पहला शो हुआ। उनका भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी’ इन दिनों देशभर में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर देश-विदेश तक उनके इस भजन को लोगों का प्यार मिल रहा है। इसी लोकप्रियता के बीच सुनील लोधी से खास बातचीत हुई। उन्होंने अपने भजन की लोकप्रियता, रातों-रात मिली पहचान, हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था और आंखों की रोशनी वापस पाने की उम्मीद पर बात की। सुनील लोधी ने बताया कि नवंबर से उनका आंखों का इलाज शुरू होगा। अगर हनुमान जी की कृपा और लोगों का आशीर्वाद रहा तो वह एक दिन इस दुनिया को अपनी आंखों से देख सकेंगे। सवाल: सुनील जी, सबसे पहले आपका बहुत-बहुत स्वागत है। हमारे दर्शकों के लिए अपने चर्चित भजन की एक लाइन गुनगुना दीजिए। सुनील लोधी: हमारे सभी भाई-बहनों का बहुत-बहुत धन्यवाद, जो मुझे इतना प्यार, खुशी और आशीर्वाद दे रहे हैं। हमारे चाहने वाले और प्रेमी लगातार हमारा उत्साह बढ़ा रहे हैं। हनुमान जी महाराज की कृपा हम सभी पर बनी रहे। हमारे सभी दर्शक खुश और स्वस्थ रहें। (इसके बाद उन्होंने भजन गाया- ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दी।’) सवाल: आपका यह भजन पूरे देश में सुर्खियां बटोर रहा है। रातों-रात आपको इतनी बड़ी पहचान मिली। जिंदगी में क्या बदलाव महसूस कर रहे हैं? सुनील लोधी: बदलाव तो हमारे हनुमान जी महाराज की कृपा से आया है। बस इतनी कृपा बनाए रखें। मुझे कोई ऐसा बदलाव नहीं चाहिए कि मैं अपने दर्शकों से दूर हो जाऊं। हमारे दर्शकों के दिल में जो प्यार है, मैं जिंदगीभर उसे बरकरार रखना चाहता हूं। जब तक जिंदगी रहे, लोग सुनील लोधी को इसी प्यार से पहचानते रहें। हमारे दर्शकों को कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि सुनील लोधी बदल गया है। यह सब हनुमान जी महाराज की कृपा है। सवाल: आप हनुमान जी को किस रूप में महसूस करते हैं? उनके प्रति आपकी आस्था और जुड़ाव कैसा है? सुनील लोधी: हर व्यक्ति के अपने इष्ट देवता होते हैं। कोई रामचंद्र जी को मानता है, कोई शिव जी को और कोई राधा-कृष्ण जी को। उसी तरह हनुमान जी महाराज हमारे इष्ट हैं। शायद उन्होंने हमें ऐसा माध्यम बनाया है, जिसके जरिए हम अपने सभी भक्तों के दिल में भक्ति का भाव जगा सकें। यह सब उनकी ही कृपा है। सवाल: आप आंखों से देख नहीं सकते। क्या आपके मन में कभी इस दुनिया को अपनी आंखों से देखने की इच्छा होती है? सुनील लोधी: हनुमान जी महाराज की कृपा होगी और सभी दर्शकों का प्यार व आशीर्वाद बना रहेगा तो नवंबर से मेरा ट्रीटमेंट शुरू होगा। अगर हनुमान जी महाराज की कृपा और सभी का आशीर्वाद रहा तो मैं भी इस दुनिया को देख सकता हूं। हालांकि, विधाता ने जो लिख दिया है, वह तो होगा ही। यह सब हनुमान जी की कृपा पर निर्भर है। सवाल: पहले और अब लोकप्रियता मिलने के बाद बदलाव आया है? सुनील लोधी: मेरे लिए सबसे जरूरी दर्शकों का प्यार है। हनुमान जी महाराज की कृपा से मुझे जो पहचान मिली है, मैं उसे हमेशा संभालकर रखना चाहता हूं। मैं कभी नहीं चाहता कि मेरे चाहने वालों को लगे कि सुनील लोधी बदल गया है। मुझे बस सभी का प्यार और आशीर्वाद चाहिए।

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