पंजाब और चंडीगढ़ में आज (2 से 7 नवंबर) तक मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान दिन में धूप निकलेगी और बारिश की संभावना नहीं है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सूखी हवाएं चल रही हैं। इससे दिन के समय हल्की गर्मी बनी रहेगी, जबकि रात के तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर बढ़ेगा। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यह सामान्य के करीब पहुंच गया है। बठिंडा में सबसे अधिक 32.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, आज से पंजाब और चंडीगढ़ के स्कूलों के लगने का समय भी बदल गया है। स्कूल सुबह नौ बजे से शुरू होंगे। जबकि चंडीगढ़ के स्कूलों की टाइमिंग सुबह 8:20 बजे से दोपहर 2:20 बजे तक रहेगा। नए आदेश फरवरी तक लागू रहेंगे। हिमाचल से सटे जिलों में ठंड का असर ज्यादा हिमाचल प्रदेश से सटे पंजाब के जिलों में ठंड का असर ज्यादा महसूस होने लगा है। होशियारपुर और पठानकोट में अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि गुरदासपुर में 28.5 और अमृतसर में 28.6 डिग्री रहा। रूपनगर में 29.8 और नवांशहर में 29.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इन इलाकों में अन्य जिलों के मुकाबले तापमान कम रहने से मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। इसके विपरीत मैदानी इलाकों में दिन के समय तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है। अक्टूबर से शुरू हुई ठंड, नवंबर में रात का तापमान गिरेगा मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, इस बार अक्टूबर से ही हल्की ठंड शुरू हो गई थी। नवंबर में पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम में बदलाव देखने को मिलेंगे। रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जबकि दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, मौसम में हो रहे इन बदलावों के पीछे अलनीनो सहित विभिन्न मौसमी परिस्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं। हालांकि, नवंबर महीने में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। बदला हवाओं का रुख, पंजाब पर चक्रवात का असर नहीं पंजाब सहित उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में मौसम साफ होने लगा है। मौसम प्रणाली में बदलाव के कारण हवाओं का रुख भी बदला है। इससे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है। आने वाले दिनों में उत्तरी हवाएं चलने से रात के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, जबकि दिन में धूप निकलने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं, चक्रवात मुरासु का असर मुख्य रूप से दक्षिण और पूर्वी भारत के तटीय राज्यों आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में रहने की संभावना है। पंजाब में इसका सीधा असर पड़ने की आशंका नहीं है।

