मध्य प्रदेश के सांची के बाद अब राजगीर देश का दूसरा और उत्तर भारत का पहला ‘सोलर सिटी’ बनने की राह पर अग्रसर है। ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रविवार को राजगीर स्थित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य सोलर मेले का आयोजन किया गया। अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल शून्य करने की इस मुहिम को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया। मेले में पहुंचे करीब 250 उपभोक्ताओं में से 53 ने मौके पर ही योजना के तहत अपना पंजीयन करा लिया। उप विकास आयुक्त सारा अशरफ और अनुमंडल पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि राजगीर को पूरी तरह से सोलर सिटी बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए सभी वार्डों और पंचायतों के बीच एक विशेष प्रतियोगिता कराई जाएगी। जो वार्ड अपने क्षेत्र में सर्वाधिक सोलर पैनल लगवाएगा, उसे प्रधानमंत्री के संभावित राजगीर दौरे के दौरान विशेष रूप से सम्मानित कराया जाएगा। इसके अलावा, ऋण की लंबित प्रक्रियाओं को त्वरित गति से निपटाने के लिए जल्द ही विशेष ऋण शिविर भी लगाए जाएंगे। अव्वल वार्ड को पीएम के हाथों मिलेगा सम्मान
खपत के अनुपात में होगा सौर ऊर्जा का उत्पादन प्रशासन की रणनीति के तहत पर्यटक नगरी में जितनी बिजली की कुल खपत है, उसी के अनुपात में सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए नगर के सभी प्रमुख होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, निजी आवासों और सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, एक यूनिट पारंपरिक बिजली तैयार करने में औसतन आधा किलो कोयला जलता है, जिससे करीब एक किलो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित होती है। सौर ऊर्जा अपनाने से न केवल कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र की पहाड़ियों व पर्यावरण में हरियाली का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। छतों पर पैनल लगाने पर ₹98,000 तक की छूट मेले में पहुंचे उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की लागत और गणित की पूरी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 3 किलोवाट का सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार ₹78 हजार और राज्य सरकार ₹20 हजार का अनुदान दे रही है, यानी उपभोक्ताओं को कुल ₹98 हजार की सब्सिडी सीधे मिलेगी। इसके अलावा, एकमुश्त राशि न होने पर बैंकों द्वारा बेहद आसान किस्तों पर रियायती ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बैंकों के स्टॉल लगाए गए थे मेले में विभिन्न सोलर वेंडर कंपनियों और बैंकों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां विशेषज्ञों ने तकनीकी पहलुओं और वित्तीय सहायता से जुड़े सवालों का समाधान किया। कई पुराने उपभोक्ताओं ने भी मंच से अपने ‘जीरो बिजली बिल’ के सुखद अनुभव साझा किए। इससे पहले मेले का विधिवत उद्घाटन डीडीसी सारा अशरफ ने किया। इस अवसर पर नगर परिषद की मुख्य पार्षद जीरो देवी, विद्युत अधीक्षण अभियंता कुमार प्रशांत, राजगीर विद्युत कार्यपालक अभियंता विपिन कुमार और बिहारशरीफ (शहरी) के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित थे। मध्य प्रदेश के सांची के बाद अब राजगीर देश का दूसरा और उत्तर भारत का पहला ‘सोलर सिटी’ बनने की राह पर अग्रसर है। ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रविवार को राजगीर स्थित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य सोलर मेले का आयोजन किया गया। अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल शून्य करने की इस मुहिम को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया। मेले में पहुंचे करीब 250 उपभोक्ताओं में से 53 ने मौके पर ही योजना के तहत अपना पंजीयन करा लिया। उप विकास आयुक्त सारा अशरफ और अनुमंडल पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि राजगीर को पूरी तरह से सोलर सिटी बनाने के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए सभी वार्डों और पंचायतों के बीच एक विशेष प्रतियोगिता कराई जाएगी। जो वार्ड अपने क्षेत्र में सर्वाधिक सोलर पैनल लगवाएगा, उसे प्रधानमंत्री के संभावित राजगीर दौरे के दौरान विशेष रूप से सम्मानित कराया जाएगा। इसके अलावा, ऋण की लंबित प्रक्रियाओं को त्वरित गति से निपटाने के लिए जल्द ही विशेष ऋण शिविर भी लगाए जाएंगे। अव्वल वार्ड को पीएम के हाथों मिलेगा सम्मान
खपत के अनुपात में होगा सौर ऊर्जा का उत्पादन प्रशासन की रणनीति के तहत पर्यटक नगरी में जितनी बिजली की कुल खपत है, उसी के अनुपात में सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए नगर के सभी प्रमुख होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, निजी आवासों और सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, एक यूनिट पारंपरिक बिजली तैयार करने में औसतन आधा किलो कोयला जलता है, जिससे करीब एक किलो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित होती है। सौर ऊर्जा अपनाने से न केवल कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र की पहाड़ियों व पर्यावरण में हरियाली का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। छतों पर पैनल लगाने पर ₹98,000 तक की छूट मेले में पहुंचे उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की लागत और गणित की पूरी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 3 किलोवाट का सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार ₹78 हजार और राज्य सरकार ₹20 हजार का अनुदान दे रही है, यानी उपभोक्ताओं को कुल ₹98 हजार की सब्सिडी सीधे मिलेगी। इसके अलावा, एकमुश्त राशि न होने पर बैंकों द्वारा बेहद आसान किस्तों पर रियायती ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बैंकों के स्टॉल लगाए गए थे मेले में विभिन्न सोलर वेंडर कंपनियों और बैंकों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां विशेषज्ञों ने तकनीकी पहलुओं और वित्तीय सहायता से जुड़े सवालों का समाधान किया। कई पुराने उपभोक्ताओं ने भी मंच से अपने ‘जीरो बिजली बिल’ के सुखद अनुभव साझा किए। इससे पहले मेले का विधिवत उद्घाटन डीडीसी सारा अशरफ ने किया। इस अवसर पर नगर परिषद की मुख्य पार्षद जीरो देवी, विद्युत अधीक्षण अभियंता कुमार प्रशांत, राजगीर विद्युत कार्यपालक अभियंता विपिन कुमार और बिहारशरीफ (शहरी) के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य लोग उपस्थित थे।

