सड़क हादसे रोकने IIT चेन्नई करेगी प्रशासन की मदद:जशपुर समेत छत्तीसगढ़ के 9 जिले अभियान में शामिल,ब्लैक स्पॉट सुधार और जागरूकता पर काम होगा

सड़क हादसे रोकने IIT चेन्नई करेगी प्रशासन की मदद:जशपुर समेत छत्तीसगढ़ के 9 जिले अभियान में शामिल,ब्लैक स्पॉट सुधार और जागरूकता पर काम होगा

जशपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि को कम करने के लिए अब आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों की टीम प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगी। टीम सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान से लेकर दुर्घटना संभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट), खतरनाक मोड़ों और सड़कों की तकनीकी खामियों को दूर करने में सहयोग करेगी। जिले को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के डेटा ड्रिवन हाइपर लोकल इंटरवेंशन (DDHI) कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इस पहल के जरिए प्रशासन का लक्ष्य इस साल सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या कम करना है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि देश में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाओं वाले जिलों में सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए आईआईटी चेन्नई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी ने यह कार्यक्रम विकसित किया है। छत्तीसगढ़ के नौ जिलों को इसमें शामिल किया गया है। जशपुर के अलावा रायपुर, रायगढ़, सूरजपुर, बालोद, बलौदाबाजार, सरगुजा, महासमुंद और जांजगीर जिले इस सूची में हैं। ब्लैक स्पॉट और खतरनाक मोड़ों की होगी पहचान कार्यक्रम के तहत जिले में दुर्घटना संभावित स्थानों, खतरनाक मोड़ों और सड़कों की तकनीकी खामियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर जरूरी सुधार किए जाएंगे। इसके लिए पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग और सड़क निर्माण एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। दुर्घटना होने के बाद घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था का भी आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य हादसों के जोखिम को कम करने के साथ दुर्घटना के बाद घायलों को जल्द उपचार दिलाने की व्यवस्था में सुधार करना है। जागरूकता अभियान में भी शामिल होंगे विशेषज्ञ आईआईटी चेन्नई की टीम तकनीकी सहयोग के साथ जिले में यातायात सुरक्षा जागरूकता अभियान में भी मदद करेगी। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के मुताबिक, अभियान के दौरान विशेषज्ञ वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े टिप्स देंगे। विशेषज्ञों की भागीदारी से लोगों को यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करने में मदद मिलेगी। जिले में पुलिस प्रशासन पहले से ही ‘नो हेलमेट, नो ट्रैवलिंग’ अभियान चला रहा है। इसके तहत बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों की मोटरसाइकिल जब्त की जा रही है। चालक के हेलमेट लेकर आने पर बाइक छोड़ी जा रही है। इसके अलावा प्रशासन ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों की ग्राम सभाओं से यातायात नियमों का पालन करने और हेलमेट व सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने संबंधी प्रस्ताव भी पारित कराया था। 33 महीनों में 1,067 सड़क हादसे, 755 लोगों की मौत जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं और उनसे होने वाली जनहानि पुलिस व प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से सितंबर 2026 तक 33 महीनों में जिले में 1,067 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। वर्षवार आंकड़ों के मुताबिक इन हादसों में 755 लोगों की मौत हुई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी हादसों के प्रमुख कारण हैं। पुलिस के अनुसार, जिले में करीब 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं इन वजहों से होती हैं। युवाओं में स्टंटबाजी की बढ़ती प्रवृत्ति भी चिंता का विषय बनी हुई है। एक नजर सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर संजया ऐप से तैयार होगी सुधार की रणनीति एएसपी राकेश पाटनवार ने बताया कि आईआईटी चेन्नई की ओर से विकसित संजया ऐप की सहायता से जिले में ब्लैक स्पॉट की पहचान की जाएगी। इसके आधार पर दुर्घटना संभावित स्थानों में सुधार करने की रणनीति तैयार की जाएगी।

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