भारत के खिलाफ सबक सीखने में देरी से गंवाई T20 सीरीज, Tim Seifert ने बयां किया दर्द

भारत के खिलाफ सबक सीखने में देरी से गंवाई T20 सीरीज, Tim Seifert ने बयां किया दर्द

हैमिल्टन, एक नवंबर न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट का मानना है कि पिछली गलतियों से सबक लेने और अहम मौकों का फायदा उठाने की रणनीति ने भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 शृंखला के आखिरी दो मुकाबलों में उनकी टीम की वापसी में अहम भूमिका निभाई। उन्हें हालांकि इस बात का मलाल है कि टीम ने ये सबक सीखने में देर कर दी, जिससे शृंखला का नतीजा बदलना संभव नहीं हो सका। मेजबान न्यूजीलैंड ने रविवार को यहां खेले गए पांचवें और अंतिम टी-20 मुकाबले में सात विकेट से जीत दर्ज की।सीफर्ट 50 गेंद में 93 रन की तूफानी पारी खेलकर इस जीत के नायक रहे। वह एक बार फिर अपने पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय शतक से चूक गए, लेकिन न्यूजीलैंड ने भारत के 191 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय टीम शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पांच मैचों की सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी थी।सीफर्ट ने मैच के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘हमने पिछले मुकाबलों से काफी कुछ सीखा। क्राइस्टचर्च में खेले गए पहले और दूसरे मैच में हम जीत के करीब पहुंचे थे। जब मुकाबला निर्णायक मोड़ पर हो तो छोटे-छोटे मौकों का फायदा उठाना जरूरी होता है।मुझे लगता है कि हमारे गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया और जिन पिचों पर हम खेले, उनके अनुरूप खुद को ढाला।’’
उन्होंने कहा, ‘‘शृंखला की शुरुआत में हमारा मुख्य लक्ष्य इसे जीतना था। पीछे मुड़कर देखें तो हमने क्राइस्टचर्च में अच्छी क्रिकेट खेली थी, लेकिन मुकाबलों के आखिरी पलों में जीत दर्ज करने में नाकाम रहे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्राइस्टचर्च में खेले गए दोनों मैचों के बाद हम शृंखला में 2-0 से आगे हो सकते थे या परिणाम 1-1 से बराबर हो सकता था। आखिरी दो मैचों की जीत ने यह साबित किया कि पहले दो मुकाबलों में हम निर्णायक मौकों का फायदा उठाने से चूक गए थे।सीफर्ट ने शृंखला के तीसरे मैच में भारतीय टीम के दबदबे को भी स्वीकार किया। इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने आक्रामक शतकीय पारी खेली थी, जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की थी। भारत ने 40 गेंद शेष रहते छह विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी।उन्होंने कहा, ‘‘वेलिंगटन में भारत ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। हमें उनकी बल्लेबाजी के लिए तालियां बजानी चाहिए। टी-20 क्रिकेट में कभी-कभी इस तरह के मुकाबले भी देखने को मिलते हैं।कुल मिलाकर हमारे लिए शृंखला अच्छी रही, लेकिन दुर्भाग्य से हम इसे जीत नहीं सके।’’
सीफर्ट ने अंतिम मुकाबले में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से तेज गेंदबाज एडम मिल्ने का जिक्र किया, जिन्होंने चार ओवर में 19 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, आजकल टी-20 क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए अपनी रणनीति में विविधता रखना जरूरी है।मिल्ने ने शानदार गेंदबाजी की और उनके बाद गेंदबाजी करने आए अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर यह हमारी टीम का शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन था। 

हैमिल्टन, एक नवंबर न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज टिम सीफर्ट का मानना है कि पिछली गलतियों से सबक लेने और अहम मौकों का फायदा उठाने की रणनीति ने भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 शृंखला के आखिरी दो मुकाबलों में उनकी टीम की वापसी में अहम भूमिका निभाई। उन्हें हालांकि इस बात का मलाल है कि टीम ने ये सबक सीखने में देर कर दी, जिससे शृंखला का नतीजा बदलना संभव नहीं हो सका। मेजबान न्यूजीलैंड ने रविवार को यहां खेले गए पांचवें और अंतिम टी-20 मुकाबले में सात विकेट से जीत दर्ज की।

सीफर्ट 50 गेंद में 93 रन की तूफानी पारी खेलकर इस जीत के नायक रहे। वह एक बार फिर अपने पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय शतक से चूक गए, लेकिन न्यूजीलैंड ने भारत के 191 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय टीम शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पांच मैचों की सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी थी।

सीफर्ट ने मैच के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘हमने पिछले मुकाबलों से काफी कुछ सीखा। क्राइस्टचर्च में खेले गए पहले और दूसरे मैच में हम जीत के करीब पहुंचे थे। जब मुकाबला निर्णायक मोड़ पर हो तो छोटे-छोटे मौकों का फायदा उठाना जरूरी होता है।

मुझे लगता है कि हमारे गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया और जिन पिचों पर हम खेले, उनके अनुरूप खुद को ढाला।’’
उन्होंने कहा, ‘‘शृंखला की शुरुआत में हमारा मुख्य लक्ष्य इसे जीतना था। पीछे मुड़कर देखें तो हमने क्राइस्टचर्च में अच्छी क्रिकेट खेली थी, लेकिन मुकाबलों के आखिरी पलों में जीत दर्ज करने में नाकाम रहे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्राइस्टचर्च में खेले गए दोनों मैचों के बाद हम शृंखला में 2-0 से आगे हो सकते थे या परिणाम 1-1 से बराबर हो सकता था। आखिरी दो मैचों की जीत ने यह साबित किया कि पहले दो मुकाबलों में हम निर्णायक मौकों का फायदा उठाने से चूक गए थे।

सीफर्ट ने शृंखला के तीसरे मैच में भारतीय टीम के दबदबे को भी स्वीकार किया। इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने आक्रामक शतकीय पारी खेली थी, जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की थी। भारत ने 40 गेंद शेष रहते छह विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली थी।

उन्होंने कहा, ‘‘वेलिंगटन में भारत ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। हमें उनकी बल्लेबाजी के लिए तालियां बजानी चाहिए। टी-20 क्रिकेट में कभी-कभी इस तरह के मुकाबले भी देखने को मिलते हैं।

कुल मिलाकर हमारे लिए शृंखला अच्छी रही, लेकिन दुर्भाग्य से हम इसे जीत नहीं सके।’’
सीफर्ट ने अंतिम मुकाबले में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से तेज गेंदबाज एडम मिल्ने का जिक्र किया, जिन्होंने चार ओवर में 19 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, आजकल टी-20 क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए अपनी रणनीति में विविधता रखना जरूरी है।

मिल्ने ने शानदार गेंदबाजी की और उनके बाद गेंदबाजी करने आए अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर यह हमारी टीम का शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन था।

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