पटना में डेंगू से तीसरी मौत का मामला सामने आया है। बुद्ध मार्ग स्थित कमला नेहरू नगर निवासी 23 वर्षीय मंजीत कुमार की PMCH में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, वह करीब एक महीने से बुखार से पीड़ित था। शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि प्लेटलेट्स लगातार गिरने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी। हालांकि, मौत की वजह डेंगू ही थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पिता बोले- घर के पीछे बड़ा नाला, चारों ओर गंदगी मंजीत के पिता मनोज कपाड़िया ने मोहल्ले की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि मंजीत का निजी डॉक्टर की सलाह पर इलाज चल रहा था और घर पर भी उसका उपचार कराया जा रहा था। मनोज कपाड़िया के अनुसार, इलाके में लंबे समय से नियमित सफाई नहीं हुई है। घर के पीछे बड़ा नाला है, जिसमें गंदगी जमा रहती है। आसपास कचरे का ढेर लगा रहता है। इससे बदबू फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार नगर निगम और वार्ड पार्षद से सफाई की शिकायत की गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके मुताबिक, मोहल्ले में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं आते। फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव भी समय पर नहीं कराया जाता है। स्थानीय लोगों का दावा- इलाके में डेंगू से दूसरी मौत स्थानीय लोगों का दावा है कि कमला नेहरू नगर में डेंगू से यह दूसरी मौत है। इससे पहले 10 सितंबर को 28 वर्षीय मोहम्मद खुशियाल की मौत हुई थी। हालांकि, इन मौतों के डेंगू से जुड़े होने की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। लोगों के अनुसार, बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। गलियों से लेकर शौचालयों के आसपास तक गंदगी फैली रहती है। जमा पानी और कचरे के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि बदबू और मच्छरों के बीच रहना मुश्किल हो गया है। मौत की वजह की जांच होगी मंजीत की मौत डेंगू से होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी के मुताबिक, मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पटना में 537 के पार पहुंचे डेंगू के मरीज राजधानी में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 537 के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में पांच नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिला डेंगू-मलेरिया पदाधिकारी सुभाष प्रसाद ने इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सितंबर से नवंबर तक का समय डेंगू के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी में मच्छरों के पनपने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग का दावा- अलर्ट पर टीमें, हो रहा फीवर सर्वे डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने की बात कही है। विभाग के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में टीमें तैनात हैं। बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान के लिए फीवर सर्वे कराया जा रहा है और संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। विभाग का दावा है कि जिन इलाकों में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। हालांकि, कमला नेहरू नगर के लोगों ने इन दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इलाके में सफाई और मच्छर नियंत्रण की व्यवस्था कागजों तक सीमित है। डेंगू के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज बुखार, कंपकंपी, जोड़ों में तेज दर्द, लगातार उल्टी, रक्तस्राव, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। गंभीर लक्षण होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचें। समय पर जांच और चिकित्सकीय निगरानी के साथ मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण बीमारी के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। पटना में डेंगू से तीसरी मौत का मामला सामने आया है। बुद्ध मार्ग स्थित कमला नेहरू नगर निवासी 23 वर्षीय मंजीत कुमार की PMCH में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, वह करीब एक महीने से बुखार से पीड़ित था। शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि प्लेटलेट्स लगातार गिरने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी। हालांकि, मौत की वजह डेंगू ही थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पिता बोले- घर के पीछे बड़ा नाला, चारों ओर गंदगी मंजीत के पिता मनोज कपाड़िया ने मोहल्ले की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि मंजीत का निजी डॉक्टर की सलाह पर इलाज चल रहा था और घर पर भी उसका उपचार कराया जा रहा था। मनोज कपाड़िया के अनुसार, इलाके में लंबे समय से नियमित सफाई नहीं हुई है। घर के पीछे बड़ा नाला है, जिसमें गंदगी जमा रहती है। आसपास कचरे का ढेर लगा रहता है। इससे बदबू फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार नगर निगम और वार्ड पार्षद से सफाई की शिकायत की गई, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके मुताबिक, मोहल्ले में नियमित रूप से सफाई कर्मचारी नहीं आते। फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव भी समय पर नहीं कराया जाता है। स्थानीय लोगों का दावा- इलाके में डेंगू से दूसरी मौत स्थानीय लोगों का दावा है कि कमला नेहरू नगर में डेंगू से यह दूसरी मौत है। इससे पहले 10 सितंबर को 28 वर्षीय मोहम्मद खुशियाल की मौत हुई थी। हालांकि, इन मौतों के डेंगू से जुड़े होने की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। लोगों के अनुसार, बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है। गलियों से लेकर शौचालयों के आसपास तक गंदगी फैली रहती है। जमा पानी और कचरे के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि बदबू और मच्छरों के बीच रहना मुश्किल हो गया है। मौत की वजह की जांच होगी मंजीत की मौत डेंगू से होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी के मुताबिक, मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पटना में 537 के पार पहुंचे डेंगू के मरीज राजधानी में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 537 के पार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में पांच नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिला डेंगू-मलेरिया पदाधिकारी सुभाष प्रसाद ने इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सितंबर से नवंबर तक का समय डेंगू के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी में मच्छरों के पनपने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग का दावा- अलर्ट पर टीमें, हो रहा फीवर सर्वे डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने की बात कही है। विभाग के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में टीमें तैनात हैं। बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान के लिए फीवर सर्वे कराया जा रहा है और संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। विभाग का दावा है कि जिन इलाकों में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, वहां फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। हालांकि, कमला नेहरू नगर के लोगों ने इन दावों पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इलाके में सफाई और मच्छर नियंत्रण की व्यवस्था कागजों तक सीमित है। डेंगू के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज बुखार, कंपकंपी, जोड़ों में तेज दर्द, लगातार उल्टी, रक्तस्राव, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। गंभीर लक्षण होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचें। समय पर जांच और चिकित्सकीय निगरानी के साथ मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण बीमारी के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।

