नयी दिल्ली, एक नवंबर जर्मनी की इंजीनियरिंग कंपनी बॉश की इकाई बॉश होम कम्फर्ट समूह की नजर भारतीय एयर कंडीशनर (एसी) बाजार में अगले दो साल में दो अंक की बाजार हिस्सेदारी हासिल करने पर है। कंपनी अगले साल बॉश ब्रांड के एसी उतारने की तैयारी में है। इसके साथ ही कंपनी मध्यम अवधि में देश के शीर्ष पांच ब्रांड में जगह बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक संजय सुधाकरन ने यह बात कही है। कंपनी भारत में अपने कारोबार का विस्तार दोहरे ब्रांड की रणनीति के तहत करेगी। इसके लिए वह हिताची और बॉश, दोनों ब्रांड को अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों के लिए पेश करेगी।
बॉश होम कम्फर्ट समूह ने अगस्त, 2025 में जॉनसन कंट्रोल्स और हिताची के वैश्विक आवासीय एवं हल्के वाणिज्यिक एसी कारोबार का अधिग्रहण किया था। इसके बाद भारत में हिताची का एसी कारोबार भी समूह के नियंत्रण में आ गया है। सुधाकरन ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में बताया कि कंपनी हिताची को सामान्य और उच्च-मध्यम मूल्य वर्ग में स्थापित करेगी, जबकि बॉश ब्रांड को उच्च प्रदर्शन वाले प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम वर्ग में उतारा जाएगा।
दोनों ब्रांड के उत्पादों, सुविधाओं और उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले लाभ में स्पष्ट अंतर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बॉश अपनी जर्मन इंजीनियरिंग विरासत और प्रीमियम ब्रांड पहचान के आधार पर बाजार में जगह बनाएगी, जबकि हिताची एसी क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और जापानी तकनीकी उत्कृष्टता की विश्वसनीयता के दम पर आगे बढ़ेगी। बॉश के एसी का मुकाबला ओ जनरल और मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक जैसे प्रीमियम ब्रांड से होगा।
इस श्रेणी के उत्पादों की कीमत करीब 45,000 से 50,000 रुपये और इससे अधिक रहने की संभावना है। सुधाकरन ने कहा कि भारतीय बाजार में घरेलू एसी की पहुंच अभी अपेक्षाकृत कम है। बढ़ती आय, आर्थिक वृद्धि और उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति में सुधार के कारण इस क्षेत्र में विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।
कंपनी का लक्ष्य बाजार की औसत वृद्धि दर से अधिक तेजी से अपने कारोबार का विस्तार करना है। भारत में अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए बॉश होम कम्फर्ट समूह आने वाले वर्षों में 80 करोड़ यूरो (करीब 900 करोड़ रुपये) का निवेश करेगा। इस राशि का इस्तेमाल विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर उत्पादन को प्रोत्साहित करने और इंजीनियरिंग एवं परीक्षण सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।

