उत्तर प्रदेश के जनपद बुलन्दशहर में महिला सुरक्षा और अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत पुलिस और मॉनीटरिंग सेल को एक और बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।शनिवार शाम 5 बजे न्यायालय (एडीजे/एफटीसी-01) ने वर्ष 2022 के चर्चित दहेज हत्या के मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी पति को 08 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। घटना वर्ष 2022 की है। अभियुक्त गोलू उर्फ वेदप्रकाश (पुत्र विजय, निवासी ग्राम लानाखुर्द, थाना नरसैना, जनपद बुलन्दशहर) द्वारा वादी की पुत्री को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। इस मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी अकाल मृत्यु हो गई। इस हृदयविदारक घटना के संबंध में मृतका के परिजनों की शिकायत पर थाना औरंगाबाद में 14 दिसंबर 2022 को मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवेचना पूरी की और 19 अप्रैल 2023 को न्यायालय में आरोप-पत्र (चार्जशीट) प्रेषित कर दिया। ’ऑपरेशन कन्विक्शन’ और प्रभावी पैरवी इस गंभीर अभियोग को पुलिस महानिदेशक द्वारा संचालित विशेष अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के अंतर्गत चिन्हित किया गया था। इसके बाद बुलन्दशहर मॉनीटरिंग सैल द्वारा न्यायालय में सशक्त और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई। अभियोजन पक्ष के मजबूत तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। न्यायालय का फैसला शनिवार शाम 5 बजे न्यायालय एडीजे/एफटीसी-01 के न्यायाधीश शिवानन्द ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त गोलू उर्फ वेदप्रकाश को दोषी पाया। न्यायालय ने अभियुक्त को 08 वर्ष के कारावास तथा 5,000/- रुपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सराहनीय रहा पुलिस व अभियोजन का योगदान इस अभियोग में अभियुक्त को सजा दिलाने में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष योगदान रहा। अभियोजक मुनुराज सिंह और कुश कुमार, मॉनीटरिंग सैल प्रभारी निरीक्षक पंकज राय, पैरोकार कांस्टेबल रिपू दमन तथा कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल सुधीर कुमार की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।

