दीपावली में अब महज एक सप्ताह बचा हुआ है। ऐसे में दीपावली से जुड़ी तैयारियां जोरों पर हैं। इस त्योहार में अच्छे पकवान और दोस्तों, रिश्तेदारों को संदेश मिठाई देने की पुरानी परंपरा चलती आ रही है। इन सब के बीच आम लोगों के बीच जो सबसे बड़ी चिंता है, वह है महंगाई की मार। बीते 6-8 महीनों में जिस प्रकार से आसमान छूने वाली महंगाई बढ़ी है, वह दीवाली में फटने वाले पटाखों से भी ज्यादा धमाकेदार है। खाने-पीने से लेकर साज सजावट और पूजन सामग्री तक के दाम इस प्रकार से बढ़े हैं कि लोगों को अभी से ही दीवाली की रोशनी फीकी नजर आने लगी है। सामान के भाव काफी ज्यादा बढ़े झुमरीतिलैया के मशहूर दुर्गा भंडार में खरीदारी करने पहुंचे कुणाल ने कहा कि पिछली दीवाली के मुकाबले इस बार सामान के भाव काफी ज्यादा बढ़े हुए हैं। पिछले वर्ष दीवाली की कुल खरीदारी जहां 5-6 हजार रुपए में पूरी हो गई थी। वहीं, इस वर्ष 10 हजार रुपए भी खरीदारी के लिए कम पड़ रहे हैं। इधर, दुकान संचालक अक्षय वसंत ने कहा कि पिछले छः महीने में खाद्य सामग्रियों के दामों में भारी इजाफा हुआ है। सरसों तेल, घी, चीनी, दाल, रिफाइन, मैदा से लेकर ड्राई फ्रूट्स के दामों में भारी इजाफा हुआ है। उनके अनुसार बीते छह माह में अलग-अलग खाद्य पदार्थों की कीमतों में इस प्रकार से वृद्धि हुई है। धातू के सामान में 50% तक की बढ़ोतरी खाद्य सामग्रियों के अलावे पूजा में उपयोग में आने वाले अन्य सामानों की कीमतों में भी भारी उछाल हुआ है। दीवाली में पूजन सामग्री लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, सिंहासन, धूपदानी, घंटी, दीया, तोरण, साजो-सज्जा के सामान आदि की भी खरीदारी जोरों पर रहती है। चूंकि इन सामानों के आसमान छूते कीमत के कारण आम जनता का बजट इस बार गड़बड़ाने वाला है। कांसा-पीतल के विक्रेता विनोद कुमार के अनुसार, पिछली दीवाली की तुलना में इस बार पूजा से जुड़े बर्तनों की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में यह साफ कहा जा सकता है कि इस वर्ष सभी प्रकार के सामानों में हुई भारी बढ़ोतरी का असर लोगों की जेब के साथ-साथ बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। दीपावली में अब महज एक सप्ताह बचा हुआ है। ऐसे में दीपावली से जुड़ी तैयारियां जोरों पर हैं। इस त्योहार में अच्छे पकवान और दोस्तों, रिश्तेदारों को संदेश मिठाई देने की पुरानी परंपरा चलती आ रही है। इन सब के बीच आम लोगों के बीच जो सबसे बड़ी चिंता है, वह है महंगाई की मार। बीते 6-8 महीनों में जिस प्रकार से आसमान छूने वाली महंगाई बढ़ी है, वह दीवाली में फटने वाले पटाखों से भी ज्यादा धमाकेदार है। खाने-पीने से लेकर साज सजावट और पूजन सामग्री तक के दाम इस प्रकार से बढ़े हैं कि लोगों को अभी से ही दीवाली की रोशनी फीकी नजर आने लगी है। सामान के भाव काफी ज्यादा बढ़े झुमरीतिलैया के मशहूर दुर्गा भंडार में खरीदारी करने पहुंचे कुणाल ने कहा कि पिछली दीवाली के मुकाबले इस बार सामान के भाव काफी ज्यादा बढ़े हुए हैं। पिछले वर्ष दीवाली की कुल खरीदारी जहां 5-6 हजार रुपए में पूरी हो गई थी। वहीं, इस वर्ष 10 हजार रुपए भी खरीदारी के लिए कम पड़ रहे हैं। इधर, दुकान संचालक अक्षय वसंत ने कहा कि पिछले छः महीने में खाद्य सामग्रियों के दामों में भारी इजाफा हुआ है। सरसों तेल, घी, चीनी, दाल, रिफाइन, मैदा से लेकर ड्राई फ्रूट्स के दामों में भारी इजाफा हुआ है। उनके अनुसार बीते छह माह में अलग-अलग खाद्य पदार्थों की कीमतों में इस प्रकार से वृद्धि हुई है। धातू के सामान में 50% तक की बढ़ोतरी खाद्य सामग्रियों के अलावे पूजा में उपयोग में आने वाले अन्य सामानों की कीमतों में भी भारी उछाल हुआ है। दीवाली में पूजन सामग्री लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, सिंहासन, धूपदानी, घंटी, दीया, तोरण, साजो-सज्जा के सामान आदि की भी खरीदारी जोरों पर रहती है। चूंकि इन सामानों के आसमान छूते कीमत के कारण आम जनता का बजट इस बार गड़बड़ाने वाला है। कांसा-पीतल के विक्रेता विनोद कुमार के अनुसार, पिछली दीवाली की तुलना में इस बार पूजा से जुड़े बर्तनों की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में यह साफ कहा जा सकता है कि इस वर्ष सभी प्रकार के सामानों में हुई भारी बढ़ोतरी का असर लोगों की जेब के साथ-साथ बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

