आरा शहर के बाबू बाजार इलाके में बदहाल सड़क से परेशान मोहल्लेवासियों का आक्रोश शनिवार को सड़क पर देखने को मिला। महीनों से जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं होने से नाराज लोगों ने अनोखे अंदाज में विरोध-प्रदर्शन किया। मिट्टी और कीचड़ से भरी सड़क पर उतरकर लोगों ने धान की रोपनी की और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। इस स्थानीय विधायक सह बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह टाइगर, सांसद सुदामा प्रसाद, मेयर इंदु देवी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के लापता होने का पोस्टर भी लगाया गया। ‘लोगों का घर से निकलना हो रहा मुश्किल’ दो दिनों की बारिश ने पहले से बदहाल सड़क को जानलेवा बना दिया है। सड़क पर बिछाई गई मिट्टी के कारण फिसलन इतनी बढ़ गई है कि दोपहिया और अन्य वाहन असंतुलित होकर गिर रहे हैं। आए दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सड़क की बदहाली से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई महीनों से समस्या बरकरार रहने के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के प्रति गहरी नाराजगी है। ‘नाला निर्माण के नाम पर सड़क तोड़ा’ स्थानीय निवासी अभिषेक ने बताया कि बाबू बाजार शहर का हृदयस्थली है। इस इलाके में कई स्कूल, क्लीनिक, जरूरी सामानों की दुकानें और मॉल स्थित है। इसके बावजूद पिछले कई महीनों से यहां की सड़क की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। नाली निर्माण के नाम पर सड़क को तोड़ दिया गया। विरोध किया तो दुर्गा पूजा के समय सड़क पर मिट्टी भरवा दी गई। पिछले दो दिनों की बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी नारकीय हो गई है। मिट्टी और पानी के कारण पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है। यहां से गुजरने वाले वाहन असंतुलित होकर गिर रहे हैं और पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी परेशानी हो रही है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों, विधायक, सांसद, मेयर समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया गया। इसके बावजूद किसी ने समस्या के समाधान की दिशा में पहल नहीं की। जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय जाति के नाम पर वोट मांगने आते हैं, लेकिन जनता की परेशानी के समय कोई सुध लेने वाला नहीं है। ‘चुनाव में जनता सिखाएगी सबक’ स्थानीय अधिवक्ता दीपक कुमार सिंह ने बताया कि बाबू बाजार की सड़क खेत का रूप ले चुकी है। धान की रोपनी का समय आ गया है, इसलिए मोहल्ले के लोगों ने इस खेतनुमा सड़क पर ही धान की रोपनी कर अपना विरोध जताया है। तमाम कोशिशों और बार-बार सूचना देने के बावजूद आज तक निर्माण नहीं हो सका। नाली निर्माण के नाम पर सड़क तोड़ने के बाद उस पर मिट्टी डाल दी गई, जिससे बारिश में पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। इस रास्ते से स्कूल जाने वाली छात्राएं फिसलकर गिर रही हैं। डॉक्टर के पास इलाज कराने जाने वाले मरीज और उनके परिजन भी गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों को हादसों में गंभीर चोटें तक आई हैं। सड़क की समस्या लेकर जब भी जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं तो एक-दूसरे के पास भेजकर टालने की कोशिश की जाती है। बाबू बाजार के लोग अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों का चक्कर लगाकर थक चुके हैं। जब उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं बचा तो उन्हें मजबूर होकर विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराया जाए, अन्यथा आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट की ताकत से ऐसे जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाएगी। आरा शहर के बाबू बाजार इलाके में बदहाल सड़क से परेशान मोहल्लेवासियों का आक्रोश शनिवार को सड़क पर देखने को मिला। महीनों से जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं होने से नाराज लोगों ने अनोखे अंदाज में विरोध-प्रदर्शन किया। मिट्टी और कीचड़ से भरी सड़क पर उतरकर लोगों ने धान की रोपनी की और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। इस स्थानीय विधायक सह बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह टाइगर, सांसद सुदामा प्रसाद, मेयर इंदु देवी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के लापता होने का पोस्टर भी लगाया गया। ‘लोगों का घर से निकलना हो रहा मुश्किल’ दो दिनों की बारिश ने पहले से बदहाल सड़क को जानलेवा बना दिया है। सड़क पर बिछाई गई मिट्टी के कारण फिसलन इतनी बढ़ गई है कि दोपहिया और अन्य वाहन असंतुलित होकर गिर रहे हैं। आए दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सड़क की बदहाली से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई महीनों से समस्या बरकरार रहने के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के प्रति गहरी नाराजगी है। ‘नाला निर्माण के नाम पर सड़क तोड़ा’ स्थानीय निवासी अभिषेक ने बताया कि बाबू बाजार शहर का हृदयस्थली है। इस इलाके में कई स्कूल, क्लीनिक, जरूरी सामानों की दुकानें और मॉल स्थित है। इसके बावजूद पिछले कई महीनों से यहां की सड़क की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। नाली निर्माण के नाम पर सड़क को तोड़ दिया गया। विरोध किया तो दुर्गा पूजा के समय सड़क पर मिट्टी भरवा दी गई। पिछले दो दिनों की बारिश के बाद सड़क की स्थिति और भी नारकीय हो गई है। मिट्टी और पानी के कारण पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है। यहां से गुजरने वाले वाहन असंतुलित होकर गिर रहे हैं और पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी परेशानी हो रही है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों, विधायक, सांसद, मेयर समेत अन्य जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया गया। इसके बावजूद किसी ने समस्या के समाधान की दिशा में पहल नहीं की। जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय जाति के नाम पर वोट मांगने आते हैं, लेकिन जनता की परेशानी के समय कोई सुध लेने वाला नहीं है। ‘चुनाव में जनता सिखाएगी सबक’ स्थानीय अधिवक्ता दीपक कुमार सिंह ने बताया कि बाबू बाजार की सड़क खेत का रूप ले चुकी है। धान की रोपनी का समय आ गया है, इसलिए मोहल्ले के लोगों ने इस खेतनुमा सड़क पर ही धान की रोपनी कर अपना विरोध जताया है। तमाम कोशिशों और बार-बार सूचना देने के बावजूद आज तक निर्माण नहीं हो सका। नाली निर्माण के नाम पर सड़क तोड़ने के बाद उस पर मिट्टी डाल दी गई, जिससे बारिश में पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। इस रास्ते से स्कूल जाने वाली छात्राएं फिसलकर गिर रही हैं। डॉक्टर के पास इलाज कराने जाने वाले मरीज और उनके परिजन भी गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों को हादसों में गंभीर चोटें तक आई हैं। सड़क की समस्या लेकर जब भी जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं तो एक-दूसरे के पास भेजकर टालने की कोशिश की जाती है। बाबू बाजार के लोग अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों का चक्कर लगाकर थक चुके हैं। जब उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं बचा तो उन्हें मजबूर होकर विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराया जाए, अन्यथा आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट की ताकत से ऐसे जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाएगी।

