औरंगाबाद जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और परीक्षार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब जिला मुख्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के लिए अपना स्थायी परीक्षा भवन होगा। करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए शहर के अनुग्रह इंटर स्कूल के पूर्वी हिस्से में 57,600 वर्गफुट जमीन का चयन किया गया है। प्रस्तावित भवन जी प्लस चार मंजिला होगा, जिसमें हजारों परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। परीक्षा भवन बनने से न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में सुविधा होगी, बल्कि शहर के विभिन्न विद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने के कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या से भी राहत मिलेगी। अनुग्रह इंटर स्कूल परिसर में 57,600 वर्गफुट जमीन चिह्नित परीक्षा भवन के निर्माण के लिए औरंगाबाद शहर स्थित अनुग्रह इंटर स्कूल के पूर्वी हिस्से में जमीन का चयन किया गया है। चयनित भूमि की लंबाई 288 फीट और चौड़ाई 200 फीट है। कुल 57,600 वर्गफुट क्षेत्रफल में प्रस्तावित परीक्षा भवन का निर्माण कराया जाना है। इस स्थान पर पहले छात्रावास और खाली जमीन थी। अब इसी भूमि का उपयोग जिले में परीक्षा संबंधी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जमीन को समतल बनाने की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इसी क्षेत्र में जिला शिक्षा कार्यालय के नए भवन का भी निर्माण कराया जाना है। ऐसे में आने वाले समय में यह परिसर शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण गतिविधियों का केंद्र बन सकता है। 12 करोड़ की लागत से बनेगा पांच तल वाला भवन प्रस्तावित परीक्षा भवन के निर्माण पर करीब 12 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। भवन जी प्लस चार मंजिला होगा, यानी भूतल सहित कुल पांच तल होंगे। इसमें बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के बैठने की क्षमता विकसित करने की योजना है। वर्तमान में जिले में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग-अलग सरकारी और निजी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है। इससे परीक्षा संचालन के लिए कई स्थानों पर व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। स्थायी परीक्षा भवन बन जाने के बाद एक ही परिसर में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की परीक्षा आयोजित कराई जा सकेगी। इससे परीक्षा संचालन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। स्कूलों की पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित, परीक्षा आयोजन की व्यवस्था होगी बेहतर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के दौरान सबसे बड़ी समस्या विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन प्रभावित होने की रहती है। परीक्षा केंद्र बनाए जाने पर संबंधित विद्यालयों की कक्षाओं का संचालन प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ता है। स्थायी परीक्षा भवन बनने के बाद इस समस्या में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग-अलग विद्यालयों पर निर्भरता घटेगी और विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी। वहीं, परीक्षार्थियों को भी एक निर्धारित स्थान पर परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध होगी। जिला मुख्यालय में 12 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित यह परीक्षा भवन शिक्षा संबंधी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। औरंगाबाद जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और परीक्षार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब जिला मुख्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के लिए अपना स्थायी परीक्षा भवन होगा। करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए शहर के अनुग्रह इंटर स्कूल के पूर्वी हिस्से में 57,600 वर्गफुट जमीन का चयन किया गया है। प्रस्तावित भवन जी प्लस चार मंजिला होगा, जिसमें हजारों परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। परीक्षा भवन बनने से न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में सुविधा होगी, बल्कि शहर के विभिन्न विद्यालयों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने के कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या से भी राहत मिलेगी। अनुग्रह इंटर स्कूल परिसर में 57,600 वर्गफुट जमीन चिह्नित परीक्षा भवन के निर्माण के लिए औरंगाबाद शहर स्थित अनुग्रह इंटर स्कूल के पूर्वी हिस्से में जमीन का चयन किया गया है। चयनित भूमि की लंबाई 288 फीट और चौड़ाई 200 फीट है। कुल 57,600 वर्गफुट क्षेत्रफल में प्रस्तावित परीक्षा भवन का निर्माण कराया जाना है। इस स्थान पर पहले छात्रावास और खाली जमीन थी। अब इसी भूमि का उपयोग जिले में परीक्षा संबंधी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जमीन को समतल बनाने की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इसी क्षेत्र में जिला शिक्षा कार्यालय के नए भवन का भी निर्माण कराया जाना है। ऐसे में आने वाले समय में यह परिसर शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण गतिविधियों का केंद्र बन सकता है। 12 करोड़ की लागत से बनेगा पांच तल वाला भवन प्रस्तावित परीक्षा भवन के निर्माण पर करीब 12 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। भवन जी प्लस चार मंजिला होगा, यानी भूतल सहित कुल पांच तल होंगे। इसमें बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के बैठने की क्षमता विकसित करने की योजना है। वर्तमान में जिले में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग-अलग सरकारी और निजी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है। इससे परीक्षा संचालन के लिए कई स्थानों पर व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। स्थायी परीक्षा भवन बन जाने के बाद एक ही परिसर में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की परीक्षा आयोजित कराई जा सकेगी। इससे परीक्षा संचालन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। स्कूलों की पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित, परीक्षा आयोजन की व्यवस्था होगी बेहतर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन के दौरान सबसे बड़ी समस्या विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन प्रभावित होने की रहती है। परीक्षा केंद्र बनाए जाने पर संबंधित विद्यालयों की कक्षाओं का संचालन प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ता है। स्थायी परीक्षा भवन बनने के बाद इस समस्या में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग-अलग विद्यालयों पर निर्भरता घटेगी और विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी। वहीं, परीक्षार्थियों को भी एक निर्धारित स्थान पर परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध होगी। जिला मुख्यालय में 12 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित यह परीक्षा भवन शिक्षा संबंधी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

