क्या परमाणु नीति बदलेगा ईरान? सांसद ने सुप्रीम लीडर से मांगी एटम बम बनाने की इजाजत, बोले- अब दुश्मन के आगे बेबस नहीं रह सकते

क्या परमाणु नीति बदलेगा ईरान? सांसद ने सुप्रीम लीडर से मांगी एटम बम बनाने की इजाजत, बोले- अब दुश्मन के आगे बेबस नहीं रह सकते

Iran Nuclear Programme: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और आर्थिक प्रतिबंधों के बीच ईरान की परमाणु नीति में बदलाव की मांगें तेज हो गई हैं। ईरानी संसद के एक सांसद सैयद महमूद नबावियन ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई से परमाणु बम बनाने की स्पष्ट अनुमति देने का आग्रह किया है। इसके अलावा संसद और विभिन्न धार्मिक मंचों पर इस बात को लेकर जोर बढ़ रहा है कि ईरान को परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की संधि (NPT) से औपचारिक रूप से बाहर निकल जाना चाहिए और अपनी पुरानी परमाणु सैन्य नीति (न्यूक्लियर-मिलिट्री डॉक्ट्रिन) में बदलाव करना चाहिए।

परमाणु नीति में बदलाव की मांग

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरानी सांसद सैयद महमूद नबावियन ने कहा कि युद्ध और प्रतिबंधों के कारण पहले ही भारी कीमत चुकाने के बाद अब समय आ गया है कि ईरान NPT से बाहर निकले और अपनी परमाणु नीति में बदलाव करे। उन्होंने कहा कि देश को अपनी रक्षा रणनीति को लेकर बची-खुची हिचकिचाहट भी छोड़ देनी चाहिए।

नबावियन ने अपने बयान में कहा कि चूंकि ईरान पहले ही युद्ध और कड़े प्रतिबंधों का खामियाजा भुगत चुका है, इसलिए अब NPT से बाहर निकलने और देश की परमाणु नीति बदलने का सही समय है। उन्होंने कहा कि देश के भीतर एक छोटा गुट आत्मसमर्पण की वकालत करता है, लेकिन ईरान के 9 करोड़ नागरिकों में से अधिकांश अपने दुश्मनों के खिलाफ एक मजबूत और प्रभावी सुरक्षा कवच चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने कट्टर दुश्मनों के पास मौजूद अत्याधुनिक हथियारों के सामने पूरी तरह से असुरक्षित नहीं रहना चाहिए।

नबावियन ने आगे दावा किया कि जब उन्होंने कोम शहर में सार्वजनिक रूप से सर्वोच्च नेता से परमाणु बम बनाने की अनुमति देने का आग्रह किया, तो वहां मौजूद भीड़ ने तकबीर के नारे लगाकर जोरदार समर्थन दिया।

संसद में NPT से बाहर निकलने के लिए 10 प्रस्ताव

वहीं, फार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य इब्राहिम रेज़ाई ने बताया है कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की संधि (NPT) से बाहर निकलने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने के लिए संसद में 10 अलग-अलग विधायी प्रस्ताव पेश किए गए हैं। रेज़ाई के अनुसार, पश्चिमी देशों के दबाव के बीच विधायी समिति रणनीतिक सुरक्षा के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करने के इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

धार्मिक नेता ने भी परमाणु नीति की समीक्षा की मांग की

इसके अलावा, ईरान के एक प्रमुख नेता और वरिष्ठ धर्मगुरु मोहम्मद जवाद हज अली अकबरी ने शुक्रवार को देश के न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन की समीक्षा करने की बात कही। सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, उन्होंने इसे पूरे ईरानी समाज की एक राष्ट्रीय मांग बताया।

अकबरी का तर्क है कि यह मांग न तो कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला है और न ही कोई भावनात्मक प्रतिक्रिया, बल्कि यह उन अनुभवों का परिणाम है, जिनमें अमेरिका और उसके सहयोगियों ने बार-बार अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और समझौतों का उल्लंघन किया है।

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