अमेरिका में हो रही G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में ग्रुप फोटो सेशन रद्द कर दिया गया। यूरोपीय देशों ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोटो खिंचवाने पर आपत्ति जताई थी। कुछ देशों ने फोटो सेशन से बाहर जाने की चेतावनी भी दी थी। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, यह विरोध यूक्रेन से जंग को लेकर हुआ था। हालांकि, बैठक पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक जारी रहेगी। फोटो सेशन रद्द होने से G20 देशों के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान युद्ध, अमेरिकी टैरिफ और चीन की गतिविधियों जैसे मुद्दों पर सहमति बनने की संभावना को लेकर सवाल उठे हैं। यह बैठक अमेरिका के अटलांटा शहर में विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में हो रही है। दो दिन की बैठक शुक्रवार से शुरू हुई। इसमें भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर भी शामिल हुए हैं। करीब एक-तिहाई देशों ने रूस के साथ तस्वीर खिंचवाने से इनकार किया बैठक में शामिल करीब एक-तिहाई देशों ने रूस के किसी प्रतिनिधि के साथ तस्वीर खिंचवाने से इनकार किया। जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने कहा कि रूस के साथ अब सामान्य रिश्ते नहीं रह गए हैं। ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने भी कहा कि उनका देश कई साल से रूस के साथ ऐसी तस्वीर नहीं खिंचवाता। बैठक में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने रूस के यूक्रेन पर हमले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि युद्ध का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ा है। इससे दुनिया में खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित हुई है। ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप फोटो सेशन रद्द करने के अमेरिकी फैसले का समर्थन किया। उसके विदेश मंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश रूस के हमले को सामान्य मानकर स्वीकार नहीं करेगा। जयशंकर बोले- बातचीत से विवादों का हल हो, सप्लाई चैन प्रभावित न हो विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक में कहा कि वैश्विक चुनौतियों का हल सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि कूटनीति से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के खतरे को नजरअंदाज नहीं करने, समुद्री रास्तों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और नाविकों पर हमले रोकने की जरूरत भी उठाई। जयशंकर ने कहा कि समुद्री रास्तों में बाधा और सप्लाई चेन पर दबाव का सबसे ज्यादा असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है, जिससे ईंधन, खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की उपलब्धता और कीमतें प्रभावित हो रही हैं। अब ग्राफिक्स से समझें क्या है G-20 अगले महीने अमेरिका में जुटेंगे G20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक 31 अक्टूबर को खत्म होगी। अगले महीने अमेरिका के फ्लोरिडा में G20 देशों के नेताओं की बैठक होगी। इसकी मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, उनके दौरे की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। दक्षिण अफ्रीका G20 देश, लेकिन बैठक में नहीं बुलाया गया यूक्रेन G20 का सदस्य नहीं है। हालांकि, उसे पिछली कुछ बैठकों में बुलाया गया था, लेकिन इस बार न्योता नहीं दिया गया। वहीं, दक्षिण अफ्रीका G20 का संस्थापक सदस्य है और इस समूह का एकमात्र अफ्रीकी देश है। उसे भी इस बार बैठक में नहीं बुलाया गया। दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि बैठक में शामिल न होना उनके देश का अपना फैसला नहीं था। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह फैसला दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विवाद के बाद लिया। ट्रम्प ने दक्षिण अफ्रीका पर श्वेत अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न और G20 अध्यक्षता सौंपने में प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका ने इन आरोपों को खारिज किया है। ————————– ये खबर भी पढ़ें…. G20 में पहली बार मेजबानी हैंडओवर नहीं हुई:ट्रम्प के न आने से नाराज था साउथ अफ्रीका, अमेरिका बोला- यह ठीक नहीं किया साउथ अफ्रीका में 20वां G20 समिट रविवार को बिना औपचारिक हैंडओवर के समाप्त हो गया। साउथ अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने किसी अमेरिकी अधिकारी को गवेल (अध्यक्षता का प्रतीक हथौड़ा) नहीं सौंपा। पूरी खबर पढ़ें…
G20 देशों के विदेश मंत्रियों का फोटो सेशन रद्द:यूरोपीय देशों का रूसी विदेश मंत्री के साथ फोटो खिंचवाने से इनकार; यूक्रेन जंग को लेकर विरोध

