किशनगंज में जुगाड़ वाहन चालकों की समस्याओं को लेकर जिला परिषद सदस्य नासिक नादिर शुक्रवार को जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। DTO के आश्वासन के बाद शाम को धरना खत्म कर दिया गया। नासिक नादिर ने बताया कि वे पिछले 48 घंटे से जिला परिवहन पदाधिकारी को फोन कर रहे थे, लेकिन फोन नहीं उठाया जा रहा था। 12-12 हजार रुपए मांगने का आरोप इससे नाराज होकर वे जुगाड़ वाहन चालकों के साथ DTO कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। नादिर ने आरोप लगाया कि रिक्शा और फटफटिया (जुगाड़ वाहन) चालकों को परेशान किया जा रहा है और उनसे 12-12 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “फटफटिया शहर में प्रतिबंधित है तो यह बात जनप्रतिनिधि ही पहुंचाएगा। लेकिन आप जिला परिषद सदस्य का ही कॉल नहीं उठा रहे हैं।” समस्याओं के समाधान का भरोसा मिलने पर धरना ख़त्म उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों से फटफटिया चालक आए हैं। अगर उनकी गाड़ियां नहीं छोड़ी गईं, तो वे यहीं से जेल जाएंगे। नादिर ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जिले में बालू चोरी, मादक पदार्थ, खाद्य और मवेशियों की अवैध सप्लाई होती है, तब प्रशासन ध्यान नहीं देता, लेकिन गरीबों को परेशान किया जाता है। धरने की सूचना मिलने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी ने फोन पर नासिक नादिर से बात की और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद शाम को धरना खत्म कर दिया गया। किशनगंज में जुगाड़ वाहन चालकों की समस्याओं को लेकर जिला परिषद सदस्य नासिक नादिर शुक्रवार को जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। DTO के आश्वासन के बाद शाम को धरना खत्म कर दिया गया। नासिक नादिर ने बताया कि वे पिछले 48 घंटे से जिला परिवहन पदाधिकारी को फोन कर रहे थे, लेकिन फोन नहीं उठाया जा रहा था। 12-12 हजार रुपए मांगने का आरोप इससे नाराज होकर वे जुगाड़ वाहन चालकों के साथ DTO कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। नादिर ने आरोप लगाया कि रिक्शा और फटफटिया (जुगाड़ वाहन) चालकों को परेशान किया जा रहा है और उनसे 12-12 हजार रुपए मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “फटफटिया शहर में प्रतिबंधित है तो यह बात जनप्रतिनिधि ही पहुंचाएगा। लेकिन आप जिला परिषद सदस्य का ही कॉल नहीं उठा रहे हैं।” समस्याओं के समाधान का भरोसा मिलने पर धरना ख़त्म उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों से फटफटिया चालक आए हैं। अगर उनकी गाड़ियां नहीं छोड़ी गईं, तो वे यहीं से जेल जाएंगे। नादिर ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जिले में बालू चोरी, मादक पदार्थ, खाद्य और मवेशियों की अवैध सप्लाई होती है, तब प्रशासन ध्यान नहीं देता, लेकिन गरीबों को परेशान किया जाता है। धरने की सूचना मिलने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी ने फोन पर नासिक नादिर से बात की और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद शाम को धरना खत्म कर दिया गया।

