भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का बचाव करते हुए शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी 10 बार यह प्रक्रिया पूरी की गई थी। राठौड़ ने एक बयान में कहा, ‘‘एसआईआर न तो भारत में पहली बार हो रहा है और न ही दुनिया के लिए अनजाना है। कांग्रेस की सरकारों के दौरान 10 बार एसआईआर हुआ है।
तब यह लोकतंत्र के लिए ठीक था, लेकिन अब 23 साल बाद यह प्रक्रिया हो रही है तो कांग्रेस को लोकतंत्र खतरे में नजर आने लगा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र पर खतरा कांग्रेस की आपातकाल वाली मानसिकता और विदेशी ‘टूलकिट’ के रूप में की जा रही राजनीति से है।’’
राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता झूठ फैलाकर देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं, जो न तो देश की जनता के हित में है और न ही लोकतंत्र के हित में। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों को लोकतंत्र पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इस संदर्भ में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि देश पर आपातकाल थोपा गया था, तब अखबारों पर ताले लगे थे, जनता के अधिकार निलंबित थे और विपक्ष के नेता हवालात में थे। राठौड़ ने दावा किया कि कांग्रेस जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का झूठ फैला रही है, उनमें से 2.80 करोड़ मतदाताओं का निधन हो चुका है, 6.30 करोड़ मतदाताओं ने अपना स्थान बदल लिया है, एक करोड़ मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं और तीन करोड़ मतदाताओं के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि इन मतदाताओं को चिह्नित किया गया है, उनके नाम काटे नहीं गए हैं।

