‘खुशी से रिश्वत मिले तो मना क्यों करूं…’ पन्ना में कैमरे पर बोले कार्यपालन यंत्री

‘खुशी से रिश्वत मिले तो मना क्यों करूं…’ पन्ना में कैमरे पर बोले कार्यपालन यंत्री

Panna Executive Engineer Suspended: मध्यप्रदेश के पन्ना में कैमरे के सामने खुशी से रिश्वत मिलने पर लेने की बात स्वीकार करने वाले जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सीबी अहिरवार को निलंबित कर दिया गया है। कार्यपालन यंत्री का बयान जब पत्रिका में प्रकाशित हुआ तो मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और शुक्रवार को जल संसाधन विभाग की ओर से कार्यपालन यंत्री सीबी अहिरवार का निलंबन आदेश जारी हो गया। निलंबन आदेश में कार्यपालन यंत्री के बयान को शासन ने कदाचरण माना है।

‘कोई खुशी से दे तो मना क्यों करूं’

अपने अधीनस्थ दो कर्मचारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले में जब पत्रिका ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सीबी अहिरवार से सवाल पूछा था तो उन्होंने साफ साफ कहा था कि रिश्वत मांगना गलत है। उनकी जानकारी में यह मामला नहीं था। उनका कहना था कि वे किसी पर दबाव नहीं बनाते लेकिन कोई खुशी से रिश्वत दे तो उन्हें इनकार नहीं है। अधिकारी ने कहा, हम किसी से दबाव बनाकर रिश्वत नहीं लेते हैं। किसी को कोई खुशी है कोई दे गया तो उसमें मैं साफ कह देता हूं कि खुशी से दे रहे हो तो दो, मेरा कोई परसेंट नहीं है। मैंने जब से नौकरी की है तब से मैं ऐसे ही काम कर रहा हूं।

खुशी-खुशी रिश्वत लेना भी अपराध

खुशी-खुशी रिश्वत लेना भी अपराध के दायरे में आता है, अधिकारी ने इस बात को स्वीकार भी स्वीकार किया था। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी बात को सही साबित करने के लिए उदाहरण देते हुए कहा था कि कोई आपसे कह दे कि आपके सामने मिठाई रखी है, इसको ले लो तो ले लो। हमने तो किसी से कोई डिमांड नहीं की है न। पत्रिका ने जब कार्यपालन यंत्री के बयान पर खबर छापी तो मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा और कार्यपालन यंत्री के बयान को कदाचरण बताते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

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