सहारनपुर में नकली करेंसी के कारोबार और 16 लाख रुपए की ठगी के मामले में सदर बाजार पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। वह खनन माफिया हाजी इकबाल का रिश्ते का भतीजा बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे शुक्रवार शाम चार बजे भट्टा कॉलोनी तिराहे से पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 500-500 रुपये के छह नकली नोट बरामद हुए। इनकी कुल कीमत 3 हजार रुपये है। आरोपी पर थाना मिर्जापुर में दर्ज मुकदमे में भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। बिहार के बक्सर निवासी कृष्णाकांत दुबे की शिकायत पर 29 अक्टूबर 2026 को सदर बाजार थाने में शाहनवाज, दिल्ली निवासी विशाल त्यागी और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता खेती के साथ एंटीक वस्तुओं की खरीद-बिक्री करते हैं। बनारस निवासी परिचित गुड्डू के माध्यम से उनकी मुलाकात शाहनवाज से हुई थी। आरोपी ने दुर्लभ पुरानी वस्तुएं खरीदकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। पुराने नोटों का वीडियो दिखाकर जीता भरोसा शिकायत के मुताबिक, शाहनवाज ने दो-दो हजार रुपये के करीब दो हजार करोड़ रुपये के पुराने नोट होने और उन्हें बदलवाने की व्यवस्था कराने का दावा किया। एक वीडियो में नोटों से भरा बक्सा दिखाकर भरोसा दिलाया गया। इसके बाद सहारनपुर के होटल सूर्यलोक में शाहनवाज, विशाल त्यागी और एक अन्य व्यक्ति ने दो-दो हजार के नोटों की दो गड्डियां दिखाईं। आरोप है कि नोट मंगवाने और पहुंचाने के खर्च के नाम पर शिकायतकर्ता से 16 लाख रुपये लिए गए। हालांकि तहरीर में बताई गई तीन पांच-पांच लाख और एक छह लाख की किस्तों का जोड़ 21 लाख रुपये है। इस अंतर की जांच होनी बाकी है। आरोपियों ने रकम लेने के बाद पुराने नोट नहीं दिए और लगातार टालते रहे। बिहार में चलाने के लिए दिए नकली नोट बाद में आरोपियों ने 500, 200 और 100 रुपये के नोट बिहार में चलवाने की बात कही। शाहनवाज ने 500 रुपये के दो नोट असली बताकर दिए। कृष्णाकांत और उनके साथी ने बिहार में इन्हें चलाने की कोशिश की तो नोट नकली निकले। 10 जुलाई 2026 को होटल सूर्यलोक में रकम वापस मांगने पहुंचे तो आरोप है कि शाहनवाज और उसके साथियों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। नेपाल-पाकिस्तान कनेक्शन का आरोप, जांच जारी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि गिरोह नेपाल और पाकिस्तान से नकली भारतीय करेंसी मंगवाकर अलग-अलग राज्यों में खपाता है। हालांकि इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज सामने नहीं आया है। इसकी जांच पुलिस कर रही है। हथियारों की खरीद-फरोख्त में भी शामिल पुलिस पूछताछ में शाहनवाज ने दिल्ली के साथी और अन्य लोगों के साथ नकली नोटों के कारोबार में शामिल होने की बात बताई। उसने भाई हसन, भतीजे अर्सलान और अन्य लोगों के साथ अवैध बंदूक-पिस्टल व कारतूस की खरीद-बिक्री करने की बात भी स्वीकार की। हथियार पंजाब समेत दूसरे राज्यों से लाकर बेचे जाते थे। पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर को हसन और अर्सलान अवैध हथियार, कारतूस और नकदी के साथ गिरफ्तार हुए थे। दोनों जेल में हैं। इसके बाद शाहनवाज फरार हो गया था। उस पर विवादित जमीनों के सौदों में हथियारों के दम पर दबाव बनाने के आरोप भी हैं। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी, फर्जी दस्तावेज और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके साथियों और कथित नेटवर्क की जांच कर रही है।

