न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम को मिली रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी हार, तीन महीने पहले ही नाम हुआ था शर्मनाक रिकॉर्ड

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम को मिली रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी हार, तीन महीने पहले ही नाम हुआ था शर्मनाक रिकॉर्ड

भारत (India) बनाम न्यूज़ीलैंड (New Zealand) की पांच मैचों की टी20 सीरीज़ के चौथे मैच में न्यूज़ीलैंड ने भारत को हरा दिया। न्यूज़ीलैंड ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाते हुए भारत को 260 रन का लक्ष्य दिया, लेकिन भारतीय टीम 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 172 रन ही बना पाई।

रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी हार

न्यूज़ीलैंड ने भारत को 87 रन से हराया। रनों के लिहाज से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार है। इतना ही नहीं, भारत के खिलाफ रनों के लिहाज से यह न्यूज़ीलैंड की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले 6 फरवरी, 2019 में न्यूज़ीलैंड ने भारत को 80 रन से हराया था, जो आज से पहले रनों के लिहाज से भारत के खिलाफ टी20 फॉर्मेट में न्यूज़ीलैंड की सबसे बड़ी जीत थी। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टी20 मैचों में 10 लगातार जीत के बाद यह पहली हार थी। घरेलू मैदान की बात करें, तो न्यूज़ीलैंड ने 7 साल बाद घरेलू मैदान पर भारत को टी20 मैच में हराया। इससे पहले आखिरी बार 10 फरवरी, 2019 को न्यूज़ीलैंड ने भारत को घरेलू मैदान पर खेले गए टी20 मैच में 4 रन से हराया था।

तीन महीने पहले ही नाम हुआ था शर्मनाक रिकॉर्ड

रनों के लिहाज से भारत को अपनी सबसे बड़ी हार तीन महीने पहले ही मिली थी। जुलाई में इंग्लैंड (England) ने पांच टी20 मैचों की सीरीज़ के तीसरे मैच में भारत को 125 रन से हरा दिया था। इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाते हुए भारत को 202 रन का लक्ष्य दिया था। जवाब में भारतीय टीम 11.4 ओवर में 76 रन बनाकर ऑल आउट हो गई थी। इंग्लैंड के लिए ओपनर फिल साल्ट (Phil Salt) ने 44 गेंदों पर 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 70 रन बनाए थे। सैम करन (Sam Curran) ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 24 गेंदों पर 4 चौकों की मदद से 41 रन की नाबाद पारी खेली थी। जोफरा आर्चर (Jofra Archer) ने 3 ओवर में 29 रन देते हुए 3 विकेट लिए थे। जोश टोंग (Josh Tongue) ने 4 ओवर में 28 रन देते हुए 4 विकेट झटके थे। भारतीय टीम ने इस मैच में निराशाजनक प्रदर्शन किया था। गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए और 4 बल्लेबाजों के अलावा कोई दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका।

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