किशनगंज-लोन-सामान का झांसा देकर 200 महिलाओं से ठगी:सिलाई मशीन-हॉटपॉट के नाम पर वसूली; फर्जी कंपनी का सरगना वैशाली से अरेस्ट

किशनगंज-लोन-सामान का झांसा देकर 200 महिलाओं से ठगी:सिलाई मशीन-हॉटपॉट के नाम पर वसूली; फर्जी कंपनी का सरगना वैशाली से अरेस्ट

किशनगंज पुलिस ने फर्जी कंपनी बनाकर लोन देने के नाम पर महिलाओं से ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने STF की मदद से गिरोह के सरगना राजू कुमार (33) को वैशाली के सराय थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। उसके पास से ठगी के 50 हजार रुपये, एक लैपटॉप और मोबाइल बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क बिहार के कई जिलों में फैला हुआ है। 60 हजार के लोन के नाम पर महिलाओं से वसूले 4 से 7 हजार मामला ठाकुरगंज थाना क्षेत्र का है। आठ मई 2026 को भिमवालीस चौक निवासी लक्ष्मी देवी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, एक अप्रैल को Finsupport Micro Foundation कंपनी के एजेंट गांव पहुंचे थे। उन्होंने चार-चार महिलाओं का समूह बनाकर लोन कार्ड बनवाने पर प्रत्येक समूह को 60 हजार रुपये का लोन दिलाने का झांसा दिया था। 200 महिलाओं को बुलाकर जमा कराए रुपये आरोप है कि महिलाओं को कार्यालय बुलाकर लोन कार्ड के फॉर्म भरवाए गए। इसके बाद प्रेस, हॉटपॉट और सिलाई मशीन जैसे घरेलू सामान दिलाने के नाम पर प्रत्येक महिला से चार हजार से सात हजार रुपये तक वसूले गए। चार मई को ठाकुरगंज के जीलेबिया मोड़ स्थित कार्यालय में करीब 200 महिलाओं से रुपये जमा कराए गए। उन्हें बताया गया कि आठ मई की सुबह आठ बजे तक सामान घर पहुंच जाएगा और इसके बाद लोन की राशि मिलेगी। तय तारीख पर न सामान मिला, न लोन; ऑफिस में लटका मिला ताला आठ मई को न तो महिलाओं के घर सामान पहुंचा और न ही उन्हें लोन मिला। परेशान महिलाएं जब कार्यालय पहुंचीं तो वहां ताला लटका मिला। कंपनी के सभी कर्मचारी फरार थे। इसके बाद पीड़ितों ने ठाकुरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में कांड संख्या 148/26 दर्ज किया गया। SP ने बनाई विशेष टीम, वैशाली से पकड़ा गया सरगना मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संतोष कुमार ने डीआईयू और एसडीपीओ-2 किशनगंज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। जांच में संबंधित कंपनी फर्जी पाई गई। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने वैशाली जिले से मुख्य आरोपी राजू कुमार को गिरफ्तार किया। वह काजीपुर थाना क्षेत्र के भतनडीह गांव निवासी अशोक कुमार झा का पुत्र है। नौकरी का विज्ञापन देकर युवाओं को बनाते थे ठगी का हिस्सा पुलिस पूछताछ में राजू ने बताया कि बिहार के कई जिलों में उसका नेटवर्क सक्रिय है। ठाकुरगंज और पोठिया के कार्यालयों में आठ लोग ब्रांच मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर और फील्ड स्टाफ बनकर काम कर रहे थे। गिरोह सोशल मीडिया पर नौकरी का विज्ञापन देकर युवाओं को भर्ती करता था। उन्हें प्रशिक्षण देने के बाद ग्रामीण इलाकों में कार्यालय खुलवाए जाते थे। फिर 10 से 15 दिनों में लोन दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से पैसे वसूले जाते और कार्यालय बंद कर सभी फरार हो जाते थे। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। किशनगंज पुलिस ने फर्जी कंपनी बनाकर लोन देने के नाम पर महिलाओं से ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने STF की मदद से गिरोह के सरगना राजू कुमार (33) को वैशाली के सराय थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। उसके पास से ठगी के 50 हजार रुपये, एक लैपटॉप और मोबाइल बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क बिहार के कई जिलों में फैला हुआ है। 60 हजार के लोन के नाम पर महिलाओं से वसूले 4 से 7 हजार मामला ठाकुरगंज थाना क्षेत्र का है। आठ मई 2026 को भिमवालीस चौक निवासी लक्ष्मी देवी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, एक अप्रैल को Finsupport Micro Foundation कंपनी के एजेंट गांव पहुंचे थे। उन्होंने चार-चार महिलाओं का समूह बनाकर लोन कार्ड बनवाने पर प्रत्येक समूह को 60 हजार रुपये का लोन दिलाने का झांसा दिया था। 200 महिलाओं को बुलाकर जमा कराए रुपये आरोप है कि महिलाओं को कार्यालय बुलाकर लोन कार्ड के फॉर्म भरवाए गए। इसके बाद प्रेस, हॉटपॉट और सिलाई मशीन जैसे घरेलू सामान दिलाने के नाम पर प्रत्येक महिला से चार हजार से सात हजार रुपये तक वसूले गए। चार मई को ठाकुरगंज के जीलेबिया मोड़ स्थित कार्यालय में करीब 200 महिलाओं से रुपये जमा कराए गए। उन्हें बताया गया कि आठ मई की सुबह आठ बजे तक सामान घर पहुंच जाएगा और इसके बाद लोन की राशि मिलेगी। तय तारीख पर न सामान मिला, न लोन; ऑफिस में लटका मिला ताला आठ मई को न तो महिलाओं के घर सामान पहुंचा और न ही उन्हें लोन मिला। परेशान महिलाएं जब कार्यालय पहुंचीं तो वहां ताला लटका मिला। कंपनी के सभी कर्मचारी फरार थे। इसके बाद पीड़ितों ने ठाकुरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में कांड संख्या 148/26 दर्ज किया गया। SP ने बनाई विशेष टीम, वैशाली से पकड़ा गया सरगना मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संतोष कुमार ने डीआईयू और एसडीपीओ-2 किशनगंज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। जांच में संबंधित कंपनी फर्जी पाई गई। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने वैशाली जिले से मुख्य आरोपी राजू कुमार को गिरफ्तार किया। वह काजीपुर थाना क्षेत्र के भतनडीह गांव निवासी अशोक कुमार झा का पुत्र है। नौकरी का विज्ञापन देकर युवाओं को बनाते थे ठगी का हिस्सा पुलिस पूछताछ में राजू ने बताया कि बिहार के कई जिलों में उसका नेटवर्क सक्रिय है। ठाकुरगंज और पोठिया के कार्यालयों में आठ लोग ब्रांच मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर और फील्ड स्टाफ बनकर काम कर रहे थे। गिरोह सोशल मीडिया पर नौकरी का विज्ञापन देकर युवाओं को भर्ती करता था। उन्हें प्रशिक्षण देने के बाद ग्रामीण इलाकों में कार्यालय खुलवाए जाते थे। फिर 10 से 15 दिनों में लोन दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से पैसे वसूले जाते और कार्यालय बंद कर सभी फरार हो जाते थे। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।  

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