चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए फसल नुकसान के तत्काल सर्वेक्षण के निर्देश, RBC 6-4 के तहत मिलेगी राहत

चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए फसल नुकसान के तत्काल सर्वेक्षण के निर्देश, RBC 6-4 के तहत मिलेगी राहत

अक्टूबर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से काम करे। उन्होंने फसल क्षति का शीघ्र आकलन कर राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों और निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साय ने स्पष्ट किया कि फसल नुकसान के सर्वेक्षण से लेकर राहत राशि के वितरण तक किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिल सके।

RBC 6-4 के तहत मिलेगी सहायता राशि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। इसके लिए उन्होंने राजस्व और कृषि विभाग के मैदानी अमले को मैदान में उतरकर नुकसान का सही आकलन करने को कहा है।

तत्काल सर्वे: सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पटवारी, कृषि विकास अधिकारी और राजस्व निरीक्षकों की संयुक्त टीम बनाकर प्रभावित खेतों का दौरा कराएं।

आरबीसी 6-4 के प्रावधान: फसल क्षति का आकलन पूरा होते ही राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों के खातों में सहायता राशि ट्रांसफर की जाएगी।

पारदर्शिता और त्वरित वितरण: मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि सर्वेक्षण से लेकर राहत राशि के वितरण तक किसी भी स्तर पर अनावश्यक प्रशासनिक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

‘किसानों की मदद में कोई कसर न छोड़ी जाए’: सीएम साय
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश और प्रदेश की रीढ़ हैं। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण अचानक आई इस आपदा से जिनकी मेहनत की फसल खराब हुई है, उनके साथ राज्य सरकार मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा:”जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सर्वे कार्य पूरा करे। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर प्रभावित किसान को समय पर सही क्षतिपूर्ति राशि मिल सके।”

चक्रवात ‘अर्नब’ का छत्तीसगढ़ पर असर
उल्लेखनीय है कि चक्रवात ‘अर्नब’ के अवशेषों और मौसमी सिस्टम के बदलाव के चलते छत्तीसगढ़ के कई मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान देखने को मिला है। धान की कटाई के इस महत्वपूर्ण सीजन में हुई इस बारिश से तैयार फसलों को भारी क्षति पहुंची है।

प्रशासनिक स्तर पर सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सभी जिला मुख्यालयों में कंट्रोल रूम स्थापित कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार के इस त्वरित कदम से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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