मुंगेर में 11 लाख से ज्यादा दीप जलेंगे:7 नवंबर को महादीपोत्सव और गंगा आरती; केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने आयोजकों को दी बधाई

मुंगेर में 11 लाख से ज्यादा दीप जलेंगे:7 नवंबर को महादीपोत्सव और गंगा आरती; केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने आयोजकों को दी बधाई

दुर्गा पूजा के दौरान ट्विन टावर और ब्रिटिश पार्लियामेंट की तर्ज पर बने भव्य पंडाल से बिहारभर में आकर्षण का केंद्र बना मुंगेर का कल्याणपुर अब दीपावली पर एक और नया इतिहास रचने की तैयारी में है। बरियारपुर प्रखंड के कल्याणपुर बड़ी दुर्गा स्थान परिसर में आगामी 7 नवंबर को महादीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 11 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। दीपोत्सव के साथ भव्य गंगा आरती भी आयोजित होगी। आयोजन डॉ. नीतीश चंद्र दुबे के सौजन्य और ग्रामीणों के सहयोग से किया जा रहा है। इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। यूथ क्लब कमेटी कल्याणपुर के सदस्य भी आयोजन को भव्य रूप देने में जुटे हैं। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने वीडियो जारी कर दी बधाई महादीपोत्सव को लेकर मुंगेर सांसद सह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने वीडियो संदेश जारी कर आयोजक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे, यूथ क्लब कल्याणपुर और ग्रामीणों को बधाई दी है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह जानकर अत्यंत खुशी हो रही है कि आगामी 7 नवंबर को मुंगेर के कल्याणपुर में महादीपावली का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 11 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित कर एकता, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मुंगेर संसदीय क्षेत्र सहित बिहार और देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। मिट्टी के दीप बनाने वाले कुम्हारों को मिलेगा रोजगार आयोजक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे ने बताया कि इस बार कल्याणपुर में बिहार का सबसे बड़ा दीपावली महोत्सव आयोजित करने की तैयारी है। महादीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों से भी मिट्टी के दीप लेकर पहुंचेंगे और दीप प्रज्वलन में भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय कुम्हारों और मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कलाकारों को भी रोजगार का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि आधुनिक दौर में लोग मिट्टी के पारंपरिक दीपों की जगह इलेक्ट्रॉनिक बल्ब और झालरों से घरों को सजाने लगे हैं। इससे मिट्टी के दीप बनाने वाले कारीगरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में कल्याणपुर में लाखों दीप जलाने की पहल से कई कुम्हार परिवारों को काम मिलेगा और उनके घरों में भी दीपावली की खुशियां पहुंचेंगी। दुर्गा पूजा के बाद दीपोत्सव पर टिकी निगाहें गौरतलब है कि इस बार दुर्गा पूजा के दौरान कल्याणपुर बड़ी दुर्गा स्थान परिसर में ट्विन टावर और ब्रिटिश पार्लियामेंट की तर्ज पर बने पंडाल को देखने बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। अब महादीपोत्सव के जरिए कल्याणपुर को धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की तैयारी है। आयोजक ने बताया कि आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा की जानकारी आगे साझा की जाएगी। दुर्गा पूजा के दौरान ट्विन टावर और ब्रिटिश पार्लियामेंट की तर्ज पर बने भव्य पंडाल से बिहारभर में आकर्षण का केंद्र बना मुंगेर का कल्याणपुर अब दीपावली पर एक और नया इतिहास रचने की तैयारी में है। बरियारपुर प्रखंड के कल्याणपुर बड़ी दुर्गा स्थान परिसर में आगामी 7 नवंबर को महादीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 11 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। दीपोत्सव के साथ भव्य गंगा आरती भी आयोजित होगी। आयोजन डॉ. नीतीश चंद्र दुबे के सौजन्य और ग्रामीणों के सहयोग से किया जा रहा है। इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। यूथ क्लब कमेटी कल्याणपुर के सदस्य भी आयोजन को भव्य रूप देने में जुटे हैं। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने वीडियो जारी कर दी बधाई महादीपोत्सव को लेकर मुंगेर सांसद सह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने वीडियो संदेश जारी कर आयोजक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे, यूथ क्लब कल्याणपुर और ग्रामीणों को बधाई दी है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह जानकर अत्यंत खुशी हो रही है कि आगामी 7 नवंबर को मुंगेर के कल्याणपुर में महादीपावली का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 11 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित कर एकता, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने मुंगेर संसदीय क्षेत्र सहित बिहार और देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। मिट्टी के दीप बनाने वाले कुम्हारों को मिलेगा रोजगार आयोजक डॉ. नीतीश चंद्र दुबे ने बताया कि इस बार कल्याणपुर में बिहार का सबसे बड़ा दीपावली महोत्सव आयोजित करने की तैयारी है। महादीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों से भी मिट्टी के दीप लेकर पहुंचेंगे और दीप प्रज्वलन में भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन केवल धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय कुम्हारों और मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कलाकारों को भी रोजगार का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि आधुनिक दौर में लोग मिट्टी के पारंपरिक दीपों की जगह इलेक्ट्रॉनिक बल्ब और झालरों से घरों को सजाने लगे हैं। इससे मिट्टी के दीप बनाने वाले कारीगरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में कल्याणपुर में लाखों दीप जलाने की पहल से कई कुम्हार परिवारों को काम मिलेगा और उनके घरों में भी दीपावली की खुशियां पहुंचेंगी। दुर्गा पूजा के बाद दीपोत्सव पर टिकी निगाहें गौरतलब है कि इस बार दुर्गा पूजा के दौरान कल्याणपुर बड़ी दुर्गा स्थान परिसर में ट्विन टावर और ब्रिटिश पार्लियामेंट की तर्ज पर बने पंडाल को देखने बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। अब महादीपोत्सव के जरिए कल्याणपुर को धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की तैयारी है। आयोजक ने बताया कि आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा की जानकारी आगे साझा की जाएगी।  

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