दरभंगा स्नातक सीट- आरजेडी के अनिल झा ने लहराया परचम:बोले- जनबल की जीत हुई है, जनता ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर समर्थन दिया

दरभंगा स्नातक सीट- आरजेडी के अनिल झा ने लहराया परचम:बोले- जनबल की जीत हुई है, जनता ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर समर्थन दिया

दरभंगा स्नातक सीट पर राजद ने जीत दर्ज की है। राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा ने एनडीए समर्थित बीजेपी प्रत्याशी सर्वेश कुमार को 4,010 मतों के अंतर से हराया। यह रिजल्ट तीसरे दिन गरुवार को आया। करीब 60 घंटे तक काउंटिंग चली। जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने अनिल कुमार झा को प्रमाण पत्र सौंपा। चुनावी मैदान में कुल 40 प्रत्याशी थे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 40 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। अंतिम मतगणना के आंकड़ों में राजद के अनिल कुमार झा को 25,406 और भाजपा के सर्वेश कुमार को 21,396 मत मिले। जन सुराज पार्टी के मोहम्मद इम्तियाज को 12,823 और छात्र नेता निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार को 7,143 मत मिले। जबकि कांग्रेस के रजनीकांत पाठक को 4,514 वोट मिले। वोटरों का जताया आभार जीत के बाद अनिल कुमार झा ने कहा कि चुनाव राजनीतिक प्रक्रिया है, लेकिन इसे लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। सभी कार्यकर्ता आपस में मिल-जुलकर रहे और शांति बनाए रखें। राजनीति में कुछ भी संभव है। मतगणना के दौरान प्रशासन का पूरा सहयोग मिला और उन्हें किसी तरह की आपत्ति नहीं है। यह जनबल और धनबल के बीच की लड़ाई थी। इतिहास गवाह है जब भी जनबल और धनबल के बीच मुकाबला होता है, तो जनबल की जीत होती है। मतदाताओं ने जाति, धर्म और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर समर्थन दिया। लंबे समय तक बीजेपी से जुड़े रहे अनिल कुमार झा दरभंगा जिले के तारडीह प्रखंड स्थित ठेंगहा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से हिस्ट्री में पीजी किया है। फिलहाल शहर में किराए के मकान में रहते हैं। पत्नी पायल चौधरी सरकारी टीचर हैं। एक बेटा और एक बेटी है। लंबे समय तक भाजपा में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनके साले अमित कुमार झा ने बताया कि साल 2001 में जिले में भाजपा के सबसे कम उम्र के महामंत्रियों में शामिल थे। उन्होंने करीब 13 वर्षों तक महामंत्री की जिम्मेदारी निभाई और इससे पहले मंडल अध्यक्ष भी रहे। 2020 में भी राजद ने दिया था टिकट अमित कुमार झा के मुताबिक, वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में अनिल कुमार झा अलीनगर क्षेत्र से भाजपा के टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने राजद से आए मिश्रीलाल यादव को उम्मीदवार बनाया। वर्ष 2020 में भी उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़कर राजद का दामन थाम लिया। राजद ने उन्हें 2020 में भी MLC उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में कम अंतर से हार गए थे। इस बार पार्टी ने फिर उन पर भरोसा जताया और उन्होंने जीत दर्ज की। मैथिल ब्राह्मण समाज के लोगों सहित अलग-अलग वर्गों के मतदाताओं ने पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर उनका समर्थन किया। सर्वेश कुमार ने गले लगाकर दी बधाई भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार ने अनिल कुमार झा गले लगाकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अनिल कुमार झा लंबे समय से प्रतिबद्ध और संवेदनशील राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं। लोगों की उनके प्रति सहानुभूति थी। शुरुआती दौर से मेरी बढ़त बनी हुई थी, लेकिन अंतिम चरण में स्थिति बदल गई। जनसुराज प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज के द्वितीय वरीयता के मतों में अनिल कुमार झा को करीब 2400 वोट मिले, जबकि उन्हें लगभग 700 वोट ही प्राप्त हुए। इसी अंतर ने अंतिम परिणाम को प्रभावित किया। आम कार्यकर्ता पर जनता ने जताया भरोसा राजद नेता धर्मवीर यादव ने दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के स्नातक मतदाताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक जमीनी कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाया और मतदाताओं ने उस पर भरोसा जताकर जीत दिलाई है। अब लोगों के विकास के लिए काम करेंगे। दरभंगा स्नातक सीट पर राजद ने जीत दर्ज की है। राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा ने एनडीए समर्थित बीजेपी प्रत्याशी सर्वेश कुमार को 4,010 मतों के अंतर से हराया। यह रिजल्ट तीसरे दिन गरुवार को आया। करीब 60 घंटे तक काउंटिंग चली। जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने अनिल कुमार झा को प्रमाण पत्र सौंपा। चुनावी मैदान में कुल 40 प्रत्याशी थे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 40 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। अंतिम मतगणना के आंकड़ों में राजद के अनिल कुमार झा को 25,406 और भाजपा के सर्वेश कुमार को 21,396 मत मिले। जन सुराज पार्टी के मोहम्मद इम्तियाज को 12,823 और छात्र नेता निर्दलीय प्रत्याशी दिलीप कुमार को 7,143 मत मिले। जबकि कांग्रेस के रजनीकांत पाठक को 4,514 वोट मिले। वोटरों का जताया आभार जीत के बाद अनिल कुमार झा ने कहा कि चुनाव राजनीतिक प्रक्रिया है, लेकिन इसे लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। सभी कार्यकर्ता आपस में मिल-जुलकर रहे और शांति बनाए रखें। राजनीति में कुछ भी संभव है। मतगणना के दौरान प्रशासन का पूरा सहयोग मिला और उन्हें किसी तरह की आपत्ति नहीं है। यह जनबल और धनबल के बीच की लड़ाई थी। इतिहास गवाह है जब भी जनबल और धनबल के बीच मुकाबला होता है, तो जनबल की जीत होती है। मतदाताओं ने जाति, धर्म और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर समर्थन दिया। लंबे समय तक बीजेपी से जुड़े रहे अनिल कुमार झा दरभंगा जिले के तारडीह प्रखंड स्थित ठेंगहा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से हिस्ट्री में पीजी किया है। फिलहाल शहर में किराए के मकान में रहते हैं। पत्नी पायल चौधरी सरकारी टीचर हैं। एक बेटा और एक बेटी है। लंबे समय तक भाजपा में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनके साले अमित कुमार झा ने बताया कि साल 2001 में जिले में भाजपा के सबसे कम उम्र के महामंत्रियों में शामिल थे। उन्होंने करीब 13 वर्षों तक महामंत्री की जिम्मेदारी निभाई और इससे पहले मंडल अध्यक्ष भी रहे। 2020 में भी राजद ने दिया था टिकट अमित कुमार झा के मुताबिक, वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में अनिल कुमार झा अलीनगर क्षेत्र से भाजपा के टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने राजद से आए मिश्रीलाल यादव को उम्मीदवार बनाया। वर्ष 2020 में भी उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़कर राजद का दामन थाम लिया। राजद ने उन्हें 2020 में भी MLC उम्मीदवार बनाया था। उस चुनाव में कम अंतर से हार गए थे। इस बार पार्टी ने फिर उन पर भरोसा जताया और उन्होंने जीत दर्ज की। मैथिल ब्राह्मण समाज के लोगों सहित अलग-अलग वर्गों के मतदाताओं ने पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर उनका समर्थन किया। सर्वेश कुमार ने गले लगाकर दी बधाई भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार ने अनिल कुमार झा गले लगाकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अनिल कुमार झा लंबे समय से प्रतिबद्ध और संवेदनशील राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं। लोगों की उनके प्रति सहानुभूति थी। शुरुआती दौर से मेरी बढ़त बनी हुई थी, लेकिन अंतिम चरण में स्थिति बदल गई। जनसुराज प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज के द्वितीय वरीयता के मतों में अनिल कुमार झा को करीब 2400 वोट मिले, जबकि उन्हें लगभग 700 वोट ही प्राप्त हुए। इसी अंतर ने अंतिम परिणाम को प्रभावित किया। आम कार्यकर्ता पर जनता ने जताया भरोसा राजद नेता धर्मवीर यादव ने दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय के स्नातक मतदाताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक जमीनी कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाया और मतदाताओं ने उस पर भरोसा जताकर जीत दिलाई है। अब लोगों के विकास के लिए काम करेंगे।  

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