Aphthous Ulcers: मुंह में बार-बार छाले क्यों पड़ते हैं? कब जांच कराना जरूरी है, क्लीवलैंड क्लिनिक और डर्मनेट से जानें

Aphthous Ulcers: मुंह में बार-बार छाले क्यों पड़ते हैं? कब जांच कराना जरूरी है, क्लीवलैंड क्लिनिक और डर्मनेट से जानें

Aphthous Ulcers Symptoms: सुबह चाय की चुस्की ली नहीं कि जीभ पर तीखी जलन का अहसास हुआ, या खाना चबाते वक्त गलती से गाल के अंदरूनी हिस्से पर दांत क्या लगा, पूरा दिन दर्द में बीत गया। मुंह के छाले यानी माउथ अल्सर देखने में भले ही छोटे लगते हों, लेकिन जब ये बार-बार निकलने लगते हैं, तो दिन का सुकून और खाने का स्वाद दोनों छीन लेते हैं। अमेरिकन फैमिली फिजिशियन के अनुसार, ज्यादातर लोग इसे पेट की गर्मी या कब्ज मानकर घरेलू नुस्खों से काम चलाने की कोशिश करते हैं। लेकिन एक इमरजेंसी नर्सिंग एक्सपर्ट के तौर पर मेरा मानना है कि अगर छाले हर दूसरे हफ्ते लौट रहे हैं, तो यह सिर्फ पेट का मामला नहीं है। शरीर अंदर से आपको कोई न कोई सिग्नल दे रहा होता है। आइए जानते हैं कि ऐसा किस कारण से होता है और इससे बचाव के क्या-क्या उपाय हैं?

बार-बार छाले होने के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, डॉक्टरी भाषा में सबसे आम छालों को एफथस अल्सर कहा जाता है। ये संक्रामक नहीं होते, यानी एक-दूसरे से नहीं फैलते। इनके बार-बार होने की बड़ी वजहें ये हैं;

  • शरीर में विटामिन B12, फोलिक एसिड, आयरन या जिंक की कमी होना छालों की सबसे बड़ी वजहों में से एक है।
  • अनजाने में गाल कट जाना, बहुत कड़े ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल या दांतों का सही अलाइनमेंट न होना।
  • जब आप लंबे समय से तनाव में रहते हैं या नींद पूरी नहीं होती, तो इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ता है और छाले उभर आते हैं।
  • महिलाओं में पीरियड्स के दौरान या हार्मोनल उतार-चढ़ाव के समय यह समस्या बढ़ जाती है।
  • टूथपेस्ट में मौजूद सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS) मुंह की अंदरूनी परत को सुखाकर छालों का कारण बन सकता है।
  • सीलिएक डिजीज (गेहूं से एलर्जी) या क्रोन्स डिजीज जैसी बीमारियों का पहला लक्षण मुंह के छाले ही होते हैं।

डर्मनेट के अनुसार, सामान्य छाले हफ्ते-दस दिन में अपने आप ठीक हो जाते हैं। राहत पाने के लिए गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिलाकर गरारे करें। ज्यादा तीखा, खट्टा और ज्यादा गरम खाना खाने से बचें। पानी खूब पीएं और सॉफ्ट ब्रिसल वाले ब्रश का इस्तेमाल करें।

कब तुरंत जांच कराना जरूरी है?

  • हर छाला मामूली नहीं होता। मेडिकल भाषा में कुछ रेड फ्लैग्स होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:
  • छाला लगातार 2 से 3 हफ्ते से ज्यादा समय से है और ठीक नहीं हो रहा।
  • छाले का आकार असामान्य रूप से बड़ा है या दर्द बिल्कुल नहीं हो रहा (बेदर्द छाला ज्यादा चिंताजनक हो सकता है)।
  • छाले के साथ तेज बुखार, थकावट या गले में गांठें महसूस हो रही हैं।
  • खाना निगलने या बोलने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *