Spain Train Crash News: स्पेन में एक भीषण रेल दुर्घटना ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। टक्कर के बाद बोगियों में फंसे यात्रियों की चीख-पुकार, अपनों की तलाश में भटकते परिजन और मदद के लिए दौड़ते स्थानीय लोग इस त्रासदी की भयावह तस्वीर बयां कर रहे हैं। हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत और 77 के घायल होने की खबर है। प्रत्यक्षदर्शियों की दर्दभरी गवाही के बीच अब रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
High Speed Train Accident: मदद की कोशिश, आंखों के सामने मौत; स्पेन में रेल सुरक्षा पर उठे सवाल
स्पेन में बुधवार सुबह करीब नौ बजे हुए भीषण रेल हादसे ने यात्रियों की जिंदगी पलभर में बदल दी। मैड्रिड से दक्षिणी शहर सेविले जा रही हाई-स्पीड ट्रेन की टक्कर एक खड़ी ट्रेन से हो गई। हादसे में कम से कम 68 लोगों की जान चली गई, जबकि 77 अन्य घायल हो गए। दुर्घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त डिब्बों के बीच राहतकर्मियों ने जीवित बचे लोगों की तलाश की। इस दर्दनाक घटना ने देश की रेल सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘मैंने महिला को बांहों में थामा, वह मर गई’
हादसे के समय ट्रेन में सवार जोआकिम टोरेस ने यात्रियों की मदद करने की कोशिश की। उन्होंने अल जजीरा को बताया कि उन्होंने एक घायल महिला को अपनी बांहों में थामकर उसे सांत्वना देने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं। टोरेस के शब्द उस भयावह मंजर की गवाही देते हैं, जहां मदद करने की इच्छा के बावजूद कई लोग अपनों और दूसरे यात्रियों की जान नहीं बचा सके।
ट्रेन में करीब 500 यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि लोग अपनी सीटों से उछलकर दूर जा गिरे। दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों में मलबा बिखरा था और कई यात्री भीतर फंसे हुए थे। स्थानीय लोगों ने भी राहत अभियान में हिस्सा लिया और जरूरतमंदों तक पानी, भोजन तथा कंबल पहुंचाए।
लाल सिग्नल के बावजूद ट्रेन को चलाने का आदेश कैसे?
स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने कहा-रेल संचार प्रणाली में तकनीकी खराबी आई, इसी वजह से लाल सिग्नल दिखा। इसके बावजूद, केंद्रीय नियंत्रण केंद्र ने ट्रेन को आगे बढ़ने की मंजूरी दे दी। मंत्री खुद इस आदेश को समझ नहीं पाए और साफ कर दिया कि चालक इसमें दोषी नहीं हैं।
रेल कंपनी रेन्फे ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, अदालत से जांच की भी तैयारी हो रही है, जिससे ये पता चल सके कि गलती तकनीकी थी या फैसलों में, या सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी।
नौ महीनों में दूसरी बड़ी दुर्घटना
ये नया हादसा सबको फिर जनवरी में अडामुज के पास हुए रेल हादसे की याद दिला गया, जिसमें 46 लोगों की जान गई थी। उस मामले की पहली जांच में पटरियों में दरार को वजह माना गया, मगर अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। अब लगातार दो बड़े हादसों के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है। क्या रेलवे का रख-रखाव और सुरक्षा मानक सच में उतने मजबूत हैं, जितना दावा किया जाता है?
यूरोपीय आयोग के आंकड़े बताते हैं कि 2018 से 2022 के बीच स्पेन ने हाई-स्पीड रेल नेटवर्क पर हर साल औसतन करीब 1.67 अरब डॉलर खर्च किए। लेकिन देखिए इसमें से रखरखाव और मरम्मत पर सिर्फ 16 प्रतिशत ही गया। जबकि इटली, जर्मनी और फ्रांस में यही आंकड़ा 33 से 39 प्रतिशत के बीच रहा।
स्पेन की रेल सुरक्षा एजेंसी के अपने आंकड़े भी चिंता बढ़ाते हैं। 2016 में वहां 45 रेल हादसे हुए थे; 2024 आते-आते ये संख्या 57 हो गई, और अगले साल के लिए अनुमान 69 का है।
तीन दिन का राष्ट्रीय शोक
प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने हादसे के बाद पूरे देश में तीन दिन का शोक घोषित किया। उन्होंने सीधा कहा-स्पेन जैसे देश में एक साल में दो गंभीर रेल हादसे ये किसी भी तरह से कबूल नहीं है। विपक्ष ने भी रेलवे की हालत, उसकी सुरक्षा, और पहले जारी चेतावनी संकेतों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
ये हादसा ऐसे वक्त हुआ है, जब देश में चुनाव की हलचल है। उधर, रेल कर्मचारियों के संगठन भी सुरक्षा को लेकर आंदोलन और हड़ताल की तैयारी कर रहे थे।


One of the survivors of the deadly train crash in Toledo, Spain, which has already claimed 68 lives, said in a live broadcast that a girl died in his arms.