बेगूसराय में गुरुवार को जमीन विवाद में कारोबारी कंचन कुमार सिंह पर गोलीबारी हुई। उनके ही चाचा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फायरिंग की। मामला जमीन विवाद का है। एनएच से दक्षिण अपने गांव के रास्ते में स्थित जमीन के पास भीड़ लगी हुई थी। वहां आरोपी चाचा रामानुज सिंह करीब 10 हथियारबंद लोगों के साथ जमीन को घेरने के लिए पाइलिंग का गड्ढा करवा रहे थे। कंचन सिंह ने वहां रुककर चाचा से कहा कि जमीन की मापी करवा ली जाए, उसके बाद ही कोई निर्माण कार्य हो। इसी को लेकर दोनों में विवाद हो गया। शाम में कंचन सिंह अपने घर के दरवाजे पर बैठकर ग्रामीणों के साथ इसी घटना पर चर्चा कर रहे थे। तभी रामानुज सिंह राइफल और साधू यादव उर्फ मुकेश कुमार रिवाल्वर लेकर पहुंच गए। अन्य के पास लाठी-डंडे थे। रामानुज सिंह ने कंचन सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव की है। पहली गोली कान के बगल से गुजरी पहली गोली कंचन सिंह के कान के बेहद करीब से निकल गई और इसके बाद दागी गई अन्य गोलियों से बचने के लिए वे किसी तरह छिप गए, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। गोलीबारी और हंगामे की आवाज सुनकर जब आसपास के ग्रामीण और पीड़ित पक्ष के लोग विरोध करने आए, तो हमलावरों ने उन पर भी हमला किया। साधू यादव ने डंडे और रिवॉल्वर के बट से और रामानुज सिंह ने राइफल के बट से हमला कर राकेश कुमार और कामदेव सिंह को बुरी तरह घायल कर दिया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ित के बॉडी गार्ड और ड्राइवर ने हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख रामानुज सिंह अपनी राइफल और एक्सयूवी गाड़ी छोड़कर पैदल फरार हो गया। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही है आरोपी का ड्राइवर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करते हुए मौके से भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही बलिया थाना पुलिस और बलिया डीएसपी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया जहां दरवाजे की दीवारों पर गोलियों के स्पष्ट निशान मिले और खोखा भी बरामद किया गया है। पुलिस ने लावारिस छोड़ी गई महिंद्रा एक्सयूवी गाड़ी और राइफल को अपने कब्जे में ले लिया है। बलिया थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित के लिखित आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार चल रहे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बेगूसराय में गुरुवार को जमीन विवाद में कारोबारी कंचन कुमार सिंह पर गोलीबारी हुई। उनके ही चाचा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फायरिंग की। मामला जमीन विवाद का है। एनएच से दक्षिण अपने गांव के रास्ते में स्थित जमीन के पास भीड़ लगी हुई थी। वहां आरोपी चाचा रामानुज सिंह करीब 10 हथियारबंद लोगों के साथ जमीन को घेरने के लिए पाइलिंग का गड्ढा करवा रहे थे। कंचन सिंह ने वहां रुककर चाचा से कहा कि जमीन की मापी करवा ली जाए, उसके बाद ही कोई निर्माण कार्य हो। इसी को लेकर दोनों में विवाद हो गया। शाम में कंचन सिंह अपने घर के दरवाजे पर बैठकर ग्रामीणों के साथ इसी घटना पर चर्चा कर रहे थे। तभी रामानुज सिंह राइफल और साधू यादव उर्फ मुकेश कुमार रिवाल्वर लेकर पहुंच गए। अन्य के पास लाठी-डंडे थे। रामानुज सिंह ने कंचन सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव की है। पहली गोली कान के बगल से गुजरी पहली गोली कंचन सिंह के कान के बेहद करीब से निकल गई और इसके बाद दागी गई अन्य गोलियों से बचने के लिए वे किसी तरह छिप गए, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। गोलीबारी और हंगामे की आवाज सुनकर जब आसपास के ग्रामीण और पीड़ित पक्ष के लोग विरोध करने आए, तो हमलावरों ने उन पर भी हमला किया। साधू यादव ने डंडे और रिवॉल्वर के बट से और रामानुज सिंह ने राइफल के बट से हमला कर राकेश कुमार और कामदेव सिंह को बुरी तरह घायल कर दिया। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ित के बॉडी गार्ड और ड्राइवर ने हमलावरों को पकड़ने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख रामानुज सिंह अपनी राइफल और एक्सयूवी गाड़ी छोड़कर पैदल फरार हो गया। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही है आरोपी का ड्राइवर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करते हुए मौके से भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही बलिया थाना पुलिस और बलिया डीएसपी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया जहां दरवाजे की दीवारों पर गोलियों के स्पष्ट निशान मिले और खोखा भी बरामद किया गया है। पुलिस ने लावारिस छोड़ी गई महिंद्रा एक्सयूवी गाड़ी और राइफल को अपने कब्जे में ले लिया है। बलिया थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित के लिखित आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार चल रहे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

