नामी कंपनियों के नकली सबमर्सिबल पंप की सप्लाई, दो गिरफ्तार:क्रॉम्पटन के 17, गोल्ड मेडल के 16 पंप बरामद, लखनऊ से मेरठ पहुंचे थे आरोपी

नामी कंपनियों के नकली सबमर्सिबल पंप की सप्लाई, दो गिरफ्तार:क्रॉम्पटन के 17, गोल्ड मेडल के 16 पंप बरामद, लखनऊ से मेरठ पहुंचे थे आरोपी

नामी कंपनियों के नाम पर नकली सबमर्सिबल पंप बाजार में खपाने के मामले में रेलवे रोड पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बुधवार शाम बागपत रोड से जैन नगर तिराहे की ओर जाने वाले रास्ते पर चेकिंग के दौरान यूपी-32 नंबर की वेगनआर कार से 33 नकली सबमर्सिबल पंप बरामद किए गए। इनमें क्रॉम्पटन कंपनी के 17 और गोल्ड मेडल कंपनी के 16 पंप शामिल हैं। दोनों आरोपी लखनऊ के रहने वाले हैं और पंप की सप्लाई करने मेरठ आए थे। गुरुवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। मुंबई की कंपनी को मिली थी सूचना
मुंबई की आईपी इन्वेस्टिगेशन एंड डिटेक्टिव सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, गोल्ड मेडल इलेक्ट्रिकल प्राइवेट लिमिटेड और क्रॉम्पटन ग्रीव्स इलेक्ट्रिकल लिमिटेड की अधिकृत कंपनी है। यह दोनों कंपनियों के उत्पादों की डुप्लीकेसी रोकने और नकली सामान की पहचान करने का काम करती है। कुछ दिन पहले कंपनी को सूचना मिली थी कि दोनों कंपनियों के नाम पर नकली सबमर्सिबल पंप तैयार कर मेरठ में खपाए जा रहे हैं। इसके बाद कंपनी की टीम ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी और आरोपियों की तलाश में जुट गई। लखनऊ से आ रही गाड़ी में मिला माल
बुधवार रात टीम को सूचना मिली कि नकली पंप की सप्लाई करने वाले लोग माल लेकर मेरठ पहुंचने वाले हैं। इस पर टीम ने रेलवे रोड पुलिस से संपर्क किया। पुलिस और कंपनी की टीम ने बागपत रोड से जैन नगर तिराहे की ओर आने वाले रास्ते पर चेकिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान यूपी-32 नंबर की एक वेगनआर कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोककर तलाशी ली तो उसमें बड़ी संख्या में सबमर्सिबल पंप रखे मिले। 33 नकली सबमर्सिबल पंप बरामद
कार में सवार दोनों लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पूछताछ में उनकी पहचान राम आधार पुत्र मटरू निवासी बसंत खेड़ा, सरोजनी नगर, लखनऊ और अभिषेक कुमार पुत्र राजकुमार गौतम निवासी मौसी बाजार, सरोजनी नगर, लखनऊ के रूप में हुई। कार से क्रॉम्पटन के 17 और गोल्ड मेडल के 16 पंप बरामद हुए। कंपनी की टीम ने इन्हें नकली बताया है। रेलवे रोड थाने में दर्ज कराई गई FIR
आईपी इन्वेस्टिगेशन कंपनी के फील्ड ऑफिसर रविंद्र सिंह ने बताया कि नकली उत्पादों की बिक्री से संबंधित कंपनियों को आर्थिक नुकसान होता है। साथ ही सरकार को भी राजस्व की भारी क्षति पहुंचती है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि नकली पंप कहां से लाए गए थे और मेरठ में इनकी सप्लाई किन लोगों को की जानी थी। मामले में नकली उत्पादों के नेटवर्क और इनके कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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