जमीन की खींचतान पर डीएम का एक्शन:खेत की मेड़ बनी विवाद की वजह, डीएम ने मौके पर ट्रैक्टर चलवाकर सीधी कराई सीमा

जमीन की खींचतान पर डीएम का एक्शन:खेत की मेड़ बनी विवाद की वजह, डीएम ने मौके पर ट्रैक्टर चलवाकर सीधी कराई सीमा

मैनपुरी में जमीन के लिए चल रही खींचतान पर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर समाधान कराया। खेत की मेड़ को लेकर दो पक्षों के बीच आए दिन विवाद होता था। शिकायत मिलने पर डीएम तहसील भोगांव के ग्राम उद्यमपुर नरैनी पहुंचे। यहां गाटा संख्या-27 की पैमाइश कराई गई। दोनों पक्षों की सहमति से ट्रैक्टर और हैरो की मदद से टेढ़ी-मेढ़ी मेड़ को सीधा करा दिया गया। राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने कराई पैमाइश मिशन समाधान के तहत गांव पहुंचे डीएम ने विवादित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभिलेखों के आधार पर जमीन की वास्तविक स्थिति देखी। इस दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी शिकायतें और तर्क सुने गए। निरीक्षण में सामने आया कि आपसी खींचतान के चलते खेत की मेड़ को सीधा रखने के बजाय टेढ़ा-मेढ़ा और सर्पाकार बना दिया गया था। यही मेड़ दोनों पक्षों के बीच विवाद की वजह बन रही थी। डीएम ने लेखपाल और कानूनगो को निर्देश दिए कि किसी भी किसान का रकबा उसके मूल अभिलेखीय क्षेत्रफल से कम नहीं होना चाहिए। दोनों पक्षों की जमीन की सही पैमाइश कराई जाए। दोनों पक्षों की सहमति से सीधी कराई मेड़ इसके बाद मौके पर चूना, रस्सी और झंडी मंगवाकर सीमांकन कराया गया। दोनों पक्षों की सहमति से ट्रैक्टर और हैरो की मदद से मेड़ को सीधा और समतल कराया गया। सीमा तय होते ही वर्षों से चला आ रहा विवाद मौके पर ही समाप्त हो गया। चकरोड से अतिक्रमण हटाने के निर्देश डीएम ने गांव के सार्वजनिक चकरोड पर अतिक्रमण का मामला भी संज्ञान में लिया। उन्होंने राजस्व टीम को शुरुआती बिंदु से मुख्य मार्ग तक चकरोड की पैमाइश कराकर पूरी सीमा का चिह्नांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी अतिक्रमण मिले, उसे तत्काल हटवाकर रास्ता आम जनता के लिए खाली कराया जाए। ‘जमीन यहीं रह जाती है, बच्चों की शिक्षा पर दें ध्यान’ डीएम ने दोनों पक्षों को समझाते हुए कहा कि जमीन हमेशा इसी धरती पर रह जाती है। कोई भी व्यक्ति इसे अपने साथ लेकर नहीं जाता। छोटी-छोटी सीमाओं को लेकर आपस में बैर पालना समझदारी नहीं है। किसानों को मुकदमों और लड़ाई-झगड़ों में समय गंवाने के बजाय बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार की आर्थिक उन्नति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि मेड़बंदी के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए। निर्धारित सीमा से छेड़छाड़ करने या विवाद बढ़ाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। इस दौरान एसडीएम भोगांव पीयूष कुमार जायसवाल, आईजीआरएस प्रभारी अनुज कुमार और क्षेत्रीय लेखपाल अंकित मौजूद रहे।

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