कन्नौज में पुलिसकर्मी पर रिश्वत मांगने का आरोप:महिलाओं के साथ मारपीट, बाइक छोड़ने के बदले लिए 2800 रुपए

कन्नौज में पुलिसकर्मी पर रिश्वत मांगने का आरोप:महिलाओं के साथ मारपीट, बाइक छोड़ने के बदले लिए 2800 रुपए

कन्नौज के तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही पर जमीन विवाद निपटाने के नाम पर 20 हजार रुपए रिश्वत मांगने, बाइक छोड़ने के बदले 2800 रुपए लेने और घर की महिलाओं से मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़ित ग्रामीण ने एसपी विनोद कुमार को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, तिर्वा कोतवाली प्रभारी ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। जमीन विवाद में हुई थी कार्रवाई मामला तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के नुनारी गांव का है। गांव के रहने वाले मिथलेश पुत्र तुकराम के मुताबिक, उसका अपने चाचा से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 27 अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की थी। इसके बाद दोनों पक्षों को जमानत मिल गई थी। मिथलेश का आरोप है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही मोहित ने उसकी बाइक बिना उचित कारण चौकी पर खड़ी करवा दी। बाद में 2800 रुपए लेने के बाद बाइक छोड़ी गई। पीड़ित का दावा है कि इसके बाद जमीन विवाद निपटाने के नाम पर सिपाही ने उससे 20 हजार रुपए की मांग की। घर पहुंचकर रुपए मांगने और मारपीट का आरोप पीड़ित के अनुसार, रुपए देने में असमर्थता जताने पर 29 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे सिपाही मोहित एक अन्य पुलिसकर्मी के साथ उसके घर पहुंचा। आरोप है कि वहां दोबारा 20 हजार रुपए मांगे गए। रुपए देने से इनकार करने पर उसकी मां किरन देवी, बहन राधा और भाई पंकज को धमकाया गया। मिथलेश ने पुलिसकर्मियों पर हाथापाई करने का भी आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, इसके बावजूद पुलिसकर्मी उसके परिवार की महिलाओं को अपने साथ चौकी ले गए। उसने मामले में जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार तिर्वा कोतवाली प्रभारी संजय शुक्ला ने बताया कि गांव में जमीन विवाद का मामला सामने आया था, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई थी। उनके मुताबिक, गांव में पुलिस के साथ अभद्रता किए जाने पर सख्ती बरती गई। महिलाओं से मारपीट करने का आरोप गलत और निराधार है। फिलहाल, मामले में पीड़ित की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस के पक्ष के बीच विरोधाभास है। शिकायत पर आगे की कार्रवाई और जांच के संबंध में स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *