अलवर जिले में पंचायत चुनाव के दोनों चरणों के मतदान आंकड़ों में पिछले चुनाव के मुकाबले अधिक मतदान दर्ज किया गया है। अलवर जिले में पिछले पंचायत चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 62.71% रहा था। वहीं इस बार पहले चरण में पंचायत समिति सदस्यों के लिए 66.49% और दूसरे चरण में 68.69% मतदान हुआ। इस तरह पहले चरण में पिछले चुनाव के मुकाबले 3.78 प्रतिशत और दूसरे चरण में 5.98 प्रतिशत अधिक मतदान दर्ज किया गया। हालांकि इस तुलना को पुराने और वर्तमान अलवर जिले की भौगोलिक सीमाओं के अंतर के साथ देखना होगा, क्योंकि अब खैरथल-तिजारा अलग जिला बन चुका है। वहीं बानसूर और बहरोड़ क्षेत्र कोटपूतली-बहरोड़ जिले में शामिल हो चुके हैं। दूसरे चरण में पहले के मुकाबले 2.20 प्रतिशत अंक अधिक मतदान इस बार दोनों चरणों के आंकड़ों की तुलना करें तो दूसरे चरण में मतदान प्रतिशत पहले चरण से 2.20 प्रतिशत अंक अधिक रहा। पहले चरण में गोविंदगढ़, कठूमर, खेरली-सोनखर, मुबारिकपुर, रामगढ़ और रैणी में पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हुआ था। इनमें रामगढ़ में सबसे अधिक 70.18% और रैणी में सबसे कम 63.43% मतदान हुआ। दूसरे चरण में उमरैण 73.49% मतदान के साथ सबसे आगे रहा, जबकि राजगढ़ में सबसे कम 61.50% मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में उमरैण और मालाखेड़ा में मतदान प्रतिशत 70% से अधिक रहा। दोनों चरणों के आंकड़े बताते हैं कि मतदान में क्षेत्रवार अंतर भी देखने को मिला। पुराने अलवर जिले के पिछले पंचायत चुनाव में कुल 20,01,766 मतदाता थे। इनमें 10,63,225 पुरुष, 9,38,538 महिलाएं और 3 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे। उस चुनाव में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 64.11% रहा था, जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत 61.47% दर्ज किया गया था। इस बार भी महिलाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान करने पहुंची।

