जांजगीर-चांपा जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ का हल्का असर दिखाई देने लगा है। कई क्षेत्रों में हो रही रिमझिम बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों और बचाव दल को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन संभावित बाढ़ और बारिश से होने वाले नुकसान को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। महानदी किनारे के 25 गांवों पर नजर कलेक्टर ने महानदी के किनारे स्थित 25 प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ता है और गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न होता है, तो जरूरत के अनुसार गांवों को खाली कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रभावित लोगों के सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। किसानों से धान की कटाई फिलहाल टालने की अपील जांजगीर-चांपा कृषि प्रधान जिला है और यहां बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों से पककर तैयार धान की कटाई फिलहाल टालने की अपील की गई है। जिन किसानों ने धान की कटाई कर ली है, उन्हें फसल को बारिश से बचाने के लिए ऊंचे और सूखे स्थान पर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, ताकि नुकसान की आशंका कम की जा सके। स्थिति बिगड़ी तो स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में हो सकती है छुट्टी प्रशासन मौसम और महानदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है। कलेक्टर ने कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो आवश्यकता के अनुसार जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित करने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और बचाव दल को सतर्क रहने तथा किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।

