बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रिसपल ने छात्रों को आशाराम बापू की किताबें बांट दी। आशाराम बापू की किताब संस्कार सरिता बांटे जाने से अभिभावकों में आक्रोश है। अभिभावकों ने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की है। मामले में बलरामपुर डीईओ ने जांच के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, स्वामी आत्मानंद स्कूल में मिडिल स्कूल के छात्र-छात्रओं को सोमवार को आशा राम बापू की किताब संस्कार सरिता का वितरण प्रिंसपल ने कर दिया। बच्चे किताबें लेकर घर पहुंचे तब परिजनों को इसकी जानकारी मिली। परिजनों क अनुसार प्रिंसपल द्वारा पुस्तक को पढ़कर परीक्षा देने का दबाव बनाया जा रहा है। परिजनों ने जताई आपत्ति, BEO को जांच का निर्देश बताया गया है कि आशाराम बापू के अनुयायी स्कूल पहुंचे थे। उन्होंने प्रिंसपल महेश प्रजापति के माध्यम से बच्चों को किताबें बंटवाईं और कहा कि इसे पढ़कर आयें। बच्चों की परीक्षा ली जाएगी। अभिभावकों ने आशाराम बापू के विवादित व्यक्तित्व के बावजूद यह किताब बांटे जाने और उसे पढ़ने के लिए मजबूर करने पर आपत्ति दर्ज कराई है। अभिभावकों ने कहा कि आशाराम बापू के नाम पर कोई भी ऐसी किताब नहीं बंटनी चाहिए। वह संगीन अपराधों में संलिप्त हैं और वे जेल में हैं। सरकार ने उनके सभी आश्रमों को सील कर दिया है, फिर भी उनके प्रचार की सामाग्री इस तरह से बच्चों को स्कूल में बांटी जा रही है। गलत व्यक्ति को महापुरूष बताया जा रहा है। मामले में प्रिंसपल पर कार्रवाई की जानी चाहिए। बलरामपुर DEO नरेंद्र निरापुरे को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने जांच का आदेश दिया है। जांच के लिए वाड्रफनगर बीईओ श्याम किशोर जायसवाल स्कूल पहुंचे। बीईओ ने अभिभावकों एवं बच्चों का बयान दर्ज किया है। बच्चों ने कहा कि स्कूल के प्रिंसपल ने ये किताबें बंटवाई हैं।

